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6 जनवरी, 2023

हेल्थ इंश्योरेंस में प्रतीक्षा अवधि

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपके और इंश्योरेंस कंपनी के बीच एक प्रकार का कॉन्ट्रेक्ट होता है. इस कॉन्ट्रेक्ट के अनुसार, इंश्योरर सहमति प्रदान करता है कि वह आपके द्वारा प्रीमियम का भुगतान करने के बदले मेडिकल एमरज़ेंसी की स्थिति में आपको फाइनेंशियल क्षतिपूर्ति देगा. इंश्योरेंस पॉलिसी डॉक्यूमेंट में विभिन्न शर्तें लिखी होती हैं, जिनमें हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के तहत प्रदान किए जाने वाले कवरेज की जानकारी लिखी होती है. इनके तहत, प्रतीक्षा अवधि से संबंधित एक क्लॉज़ भी होता है. प्रतीक्षा अवधि क्या है और आपके हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में इसका क्या महत्व है?? आइए, इसके बारे में अधिक जानते हैं.

हेल्थ इंश्योरेंस में प्रतीक्षा अवधि के बारे में संक्षिप्त जानकारी

प्रतीक्षा अवधि का मतलब उस अवधि से है, जिसके दौरान पॉलिसीधारक पॉलिसी ऐक्टिव होने के बावजूद क्लेम फाइल नहीं कर सकता. केवल निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद ही क्लेम फाइल किया जा सकता है. प्रतीक्षा अवधि के दौरान आप किसी भी बीमारी के लिए क्लेम नहीं कर सकते, भले ही आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी उस बीमारी को कवर करती हो. क्लेम करने में सक्षम होने के लिए आपको इंश्योरर के दिशा-निर्देशानुसार प्रतीक्षा अवधि पूरी करनी होगी. इसलिए, अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान खरीद रहे हैं, तो यह अवश्य जान लें कि क्लेम करने से पहले आपको कितने समय तक इंतज़ार करना होगा. विभिन्न इंश्योरेंस पॉलिसी में प्रतीक्षा अवधि होती हैं और ये आपके द्वारा चुने गए हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज के अनुसार विभिन्न प्रकार की होती हैं.

विभिन्न प्रकार की प्रतीक्षा अवधियों के बारे में यहां जानें:

आपके द्वारा चुने गए कवरेज के प्रकार के आधार पर, आपको निम्नलिखित प्रकार की प्रतीक्षा अवधि देखने को मिल सकती है:

1. आरंभिक प्रतीक्षा अवधि

यह बुनियादी प्रतीक्षा अवधि है, जो प्रत्येक प्रकार की इंश्योरेंस पॉलिसी में होती है, इसकी अवधि लगभग 30 दिनों तक होती है. इसका मतलब है कि पॉलिसी के तहत एक्सीडेंटल हॉस्पिटलाइज़ेशन क्लेम को छोड़कर, पहले 30 दिनों में कोई भी मेडिकल लाभ कवर नहीं किया जाएगा.

2. पहले से मौजूद बीमारियों के लिए प्रतीक्षा अवधि

युवावस्था में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना समझदारी भरा काम है क्योंकि जब आप युवा होते हैं, तो आपके बीमार पड़ने या किसी मेडिकल स्थिति से गुज़रने की संभावना बुज़ुर्गों के मुकाबले कम होती है. अगर कोई मेडिकल स्थिति हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले से ही व्यक्ति को प्रभावित कर रही होती है, तो उसे पहले से मौजूद बीमारी के नाम से जाना जाता है. पहले से मौजूद सामान्य बीमारियों के लिए सामान्य रूप से प्रतीक्षा अवधि होती है, जिनमें डायबिटीज़, हाइपरटेंशन, थायरॉइड आदि बीमारी शामिल होती हैं. इस मामले में, इंश्योरर द्वारा आपको क्लेम करने से पहले, एक विशिष्ट अवधि तक प्रतीक्षा करने के लिए कहा जा सकता है.

3. मैटरनिटी लाभ के लिए प्रतीक्षा अवधि

कई हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां प्रतीक्षा अवधि पूरी होने के बाद मैटरनिटी लाभ के लिए क्लेम करने की अनुमति देती हैं. कंपनी के नियम और शर्तों के आधार पर, यह अवधि कुछ महीनों से लेकर कुछ वर्षों तक हो सकती है. इसलिए, बेहतर रहेगा कि समय से पहले ही मैटरनिटी कवरेज वाला हेल्थ इंश्योरेंस प्लान खरीद लें. इंश्योरेंस में नवजात शिशुओं के लिए भी यह प्रतीक्षा अवधि लागू हो सकती है. *

4. ग्रुप प्लान प्रतीक्षा अवधि

अधिकतर कंपनियां, अपने कर्मचारियों को हेल्थ कवरेज प्रदान करती हैं. अगर नए कर्मचारी ग्रुप पॉलिसी के तहत क्लेम करना चाहते हैं तो उन्हें ग्रुप पॉलिसी के तहत क्लेम करने से पहले एक विशिष्ट अवधि तक प्रतीक्षा करनी होगी. प्रतीक्षा अवधि ऐसे व्यक्ति पर लागू हो सकती है, जो हाल ही में कंपनी में शामिल हुआ है या प्रोबेशन पर काम कर रहा है.

5. विशिष्ट बीमारियों के लिए प्रतीक्षा अवधि

कुछ हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में कुछ विशेष बीमारियों, जैसे-मोतियाबिंद, हर्निया, ईएनटी डिसऑर्डर आदि के लिए विशेष प्रतीक्षा अवधि भी हो सकती है. यह प्रतीक्षा अवधि आमतौर पर एक से दो वर्ष की हो सकती है.

हेल्थ इंश्योरेंस में प्रतीक्षा अवधि और सर्वाइवल अवधि के बीच अंतर

प्रतीक्षा अवधि और सर्वाइवल अवधि, स्वाभाविक रूप से आप दोनों के बीच में भ्रमित हो सकते हैं. दोनों ही हेल्थ इंश्योरेंस की विशेषताएं और वे अवधियां हैं, जिन्हें पूरा करने से पहले क्लेम का लाभ नहीं उठाया जा सकता. अब आपको दोनों की पूरी जानकारी मिलेगी. यहां दोनों के बीच के अंतर को संक्षिप्त रूप से निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से बताया गया है:

1. अर्थ

प्रतीक्षा अवधि का मतलब है कि उस अवधि से पहले व्यक्ति हेल्थ इंश्योरेंस के लिए क्लेम नहीं कर सकता है. वहीं दूसरी तरफ, सर्वाइवल अवधि का मतलब है उस अवधि से है, जिसके तहत किसी गंभीर बीमारी से डायग्नोस होने के बाद पॉलिसीधारक को निर्धारित अवधि तक जीवित रहना चाहिए, तभी उपयोगी है क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी. *

2. प्रयोज्यता

प्रतीक्षा अवधि कवरेज के विभिन्न पहलुओं पर निर्भर करती है, जैसे पहले से मौजूद बीमारियां, मैटरनिटी कवरेज आदि, जबकि सर्वाइवल अवधि केवल गंभीर बीमारियों के मामले में ही लागू होती है. *

3. कवरेज की निरंतरता

प्रतीक्षा अवधि समाप्त होने के बाद भी पॉलिसी कवरेज बना रहता है, जिसके तहत मेडिकल खर्चों के लिए कवरेज प्राप्त होता है. वहीं दूसरी तरफ, इंश्योरेंस प्रदाता सर्वाइवल अवधि के अंत में एकमुश्त भुगतान करता है. भुगतान के बाद क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी समाप्त हो जाती है. *

हेल्थ इंश्योरेंस में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अन्य शब्द

अब जब जान चुके हैं कि प्रतीक्षा अवधि क्या होती है, तो अब आपको हेल्थ इंश्योरेंस में आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले अन्य शब्दों के बारे में भी जानना चाहिए:

1. टॉप-अप कवर

पॉलिसीधारक अपनी आवश्यकतानुसार कवरेज बढ़ाने के लिए टॉप-अप कवर खरीद सकते हैं. कभी-कभी, बेस प्लान में पर्याप्त सम इंश्योर्ड नहीं होता या कुछ वर्षों बाद, वर्तमान ट्रीटमेंट की लागत को ध्यान में रखते हुए सम इंश्योर्ड कम पड़ सकता है. ऐसे में आपको टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान की आवश्यकता होती है. ये प्लान स्टैंडअलोन कवर के रूप में भी लिए जा सकते हैं. *

2. प्रदान किया जाने वाला कवरेज

कवरेज वह फाइनेंशियल सहायता है, जो इंश्योरेंस कंपनी से आपको हेल्थ प्लान खरीदने पर मिलता है. आप एमरजेंसी के मामले में क्लेम कर सकते हैं और सम इंश्योर्ड तक का कवरेज पा सकते हैं. सम इंश्योर्ड ही प्रीमियम की राशि को तय करता है. *

3. क्या कवर किया जाता है और क्या नहीं

प्लान खरीदने से पहले आपको पॉलिसी डॉक्यूमेंट को सावधानीपूर्वक पढ़ना चाहिए और इन्क्लूज़न व एक्सक्लूज़न की लिस्ट के बारे में जान लेना चाहिए. अगर आपका इंश्योरेंस प्रदाता किसी विशेष बीमारी को कवर नहीं करता है और आप उसके लिए क्लेम फाइल करते हैं, तो आपका क्लेम अस्वीकार हो जाएगा. *

4 क्लेम

अगर आप ट्रीटमेंट के लिए भुगतान पाना चाहते हैं, तो आपको इंश्योरेंस कंपनी को सूचना देनी होगी. इस प्रोसेस को आपके इंश्योरर के साथ क्लेम फाइल करना भी कहा जाता है. क्षतिपूर्ति का लाभ, रीइम्बर्समेंट प्रोसेस या आसान कैशलेस तरीके से उठाया जा सकता है. अपनी आवश्यकताओं की जांच-पड़ताल करें और फिर अपनी ज़रूरतों को पूरा करने वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए आगे बढ़ें. अपनी पॉलिसी के बारे में अधिक जानकारी पाने और सबसे बेहतर पॉलिसी चुनने के लिए ऊपर बताए गए सभी बुनियादी शब्दों को जानें और समझें. *

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कम प्रतीक्षा अवधि वाली पॉलिसी क्यों चुननी चाहिए?

कम प्रतीक्षा अवधि, आपको पॉलिसी खरीदने के बाद कम समय के भीतर कवरेज का लाभ उठाने में मदद करती है. लंबी प्रतीक्षा अवधि नुकसानदेह हो सकती है, क्योंकि इंश्योरेंस कवरेज होने के बावजूद आपको मेडिकल एमरज़ेंसी के समय कवर प्रदान नहीं किया जाता.

2. क्या क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान में भी प्रतीक्षा अवधि होती है?

हां, सर्वाइवल पीरियड के अलावा, क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान में प्रतीक्षा अवधि भी होती है. रेगुलर हेल्थ प्लान की तरह ही, क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान की प्रतीक्षा अवधि भी कवरेज शुरू होने से पहले की अवधि होती है.   * मानक नियम व शर्तें लागू बीमा आग्रह की विषयवस्तु है. लाभों, शामिल न की गई चीज़ों, सीमाओं, नियम और शर्तों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया इंश्योरेंस खरीदने से पहले सेल्स ब्रोशर/पॉलिसी डॉक्यूमेंट को ध्यान से पढ़ें.  

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