1
Claim Assistance
  • दावा सहायता संपर्क

  • स्वास्थ्य निशुल्क संपर्क 1800-103-2529

  • 24x7 रोड साइड सहायता 1800-103-5858

  • ग्लोबल ट्रेवल हेल्पलाइन +91-124-6174720

  • विस्तारित वारंटी 1800-209-1021

  • फसल दावा 1800-209-5959

Get In Touch

सेल्स :1800-209-0144 सर्विस चैट :+91 75072 45858

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) - Crop Insurance Scheme

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का विवरण

अप्रैल, 2016 में, भारत सरकार द्वारा पूर्ववर्ती बीमा योजनाओं जैसे कि राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (NAIS), मौसम आधारित फसल बीमा योजना और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (MNAIS) आदि को वापस लेने के बाद, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की शुरुआत की गई थी। इस प्रकार, वर्तमान में, PMFBY भारत में कृषि बीमा के लिए प्रमुख सरकारी योजना है।

कवर में शामिल जोखिम

बुवाई/रोपाई संबंधी जोखिम

बुवाई/रोपाई संबंधी जोखिम 

किसान कम वर्षा होने या प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों की वजह से बुवाई / रोपाई ना कर पाने से हुए नुकसान के लिए SI (बीमित राशि) का 25% तक कवर पाने का पात्र है। यह तभी लागू होता है, जब किसान बुवाई / रोपाई करने का इच्छुक था और उन्होंनने इसके लिए पैसे खर्च भी किए थे।

खड़ी फसल (फसल रोपाई से कटाई तक)

खड़ी फसल (फसल रोपाई से कटाई तक)

व्यापक जोखिम बीमा, प्राकृतिक रूप से और बिजली की वजह से लगी आग, तूफान, आंधी, चक्रवात, सूखा/अकाल, कीट और बीमारियों के कारण फसल को हुए नुकसान को कवर करने के लिए प्रदान किया जाता है।

कटाई के बाद के नुकसान

कटाई के बाद के नुकसान

यह कवरेज, फसल कटाई से दो सप्ताह की अधिकतम अवधि तक के लिए ही उपलब्ध है, और यह उन फसलों के लिए लागू होता है, जिन्हें कटाई के बाद सुखाने के लिए खेत में काटा और फैला दिया जाता है। यह कवरेज, ओलावृष्टि, चक्रवाती तूफान व बारिश और बेमौसम बारिश जैसे विशिष्ट आपदाओं से राहत के देने के लिए उपलब्ध है।

स्थानीय जोखिम

स्थानीय जोखिम

यह कवरेज अधिसूचित क्षेत्र के दूर-दराज में स्थित खेतों को प्रभावित करने वाले स्थानीय जोखिमों जैसे कि ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव, आकाशीय बिजली, और बादल फटने आदि से होने वाली हानि/क्षति से राहत पहुंचाने के लिए दिया जाता है।

PMFBY के तहत कवर की जाने वाली फसलें

  • खाद्य फसलें (अनाज, बाजरा और दालें)
  • तिलहन
  • वार्षिक वाणिज्यिक/उद्यान कृषि संबंधी फसलें

प्रमुख विशेषताऐं

  • स्थानीयकृत जोखिम और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान शामिल हैं
  • तेज, परेशानी मुक्त दावों के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग
  • टोल फ्री नम्बर 1800-209-5959 के माध्यम से दावा सूचना

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ (PMFBY)

  • इससे प्रीमियम में किसान का योगदान काफी कम हुआ है अर्थात खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वार्षिक व वाणिज्यिक फसलों के लिए 5%।
  • ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव, आकाशीय बिजली, और बादल फटने जैसे स्थानीय जोखिम के कारण व्यक्तिगत रूप से हुए नुकसान का आकलन करने का प्रावधान।
  • पूरे देश में चक्रवात, चक्रवाती बारिश और बेमौसम बारिश होने की स्थिति में, जिसमें दो सप्ताह (14 दिन) की अधिकतम अवधि तक खेत में 'काटा और फैला दिया' की स्थिति में केवल सूखने के उद्देश्य से रखी फसल को हुए नुकसान का व्यक्तिगत भूखंड के आधार पर आकलन करना।
  • सभी दावों का भुगतान सीधे किसान के खाते में किया जाता है।
  • इस योजना के तहत प्रौद्योगिकी के उपयोग को भी काफी हद तक प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को दावे के भुगतान में होने वाली देरी को कम करने के लिए फसल काटने संबंधी डाटा एकत्र करने और अपलोड करने के लिए स्मार्ट फोन का उपयोग किया जाएगा। इस योजना के तहत फसल कटाई संबंधी प्रयोगों की संख्या को कम करने के लिए रिमोट सेंसिंग का भी उपयोग किया जाएगा।

कवर से वर्जित जोखिम (PMFBY)

  • दुर्भावनापूर्ण इरादे से पहुंचाया गया नुकसान
  • रोके जा सकने वाले जोखिम
  • युद्ध और परमाणु जोखिमों से होने वाले नुकसान

PMFBY प्रीमियम दरें और प्रीमियम पर रियायत

PMFBY के तहत बीमांकिक प्रीमियम दर (APR) शुल्कि लिया जाता है। यह दर बीमित राशि पर लागू होती है। इस योजना के तहत किसानों द्वारा देय अधिकतम प्रीमियम दर निम्नलिखित तालिका का उपयोग करके निर्धारित की गई है

मौसम फसलें किसान द्वारा देय अधिकतम बीमा शुल्क
खरीफ सभी खाद्यान्न और तिलहनी फसलें बीमित राशि का 2%
रबी सभी खाद्यान्न और तिलहनी फसलें बीमित राशि का 1.5%
खरीफ और रबी वार्षिक वाणिज्यिक / उद्यान कृषि संबंधी फसलें
बारहमासी उद्यान कृषि संबंधी फसलें (प्राथमिक/ इम्तहानी तौर पर)
बीमित राशि का 5%

 

शेष प्रीमियम का भुगतान राज्य और केंद्र सरकार द्वारा समान रूप से किया जाएगा।

PMFBY फसल बीमा दावा प्रक्रिया

बजाज आलियांज में हमारे साथ प्रधानमंत्री बीमा योजना के लिए दावा प्रक्रिया त्वरित और आसान है।

 

स्थानीय नुकसान के लिए

  • किसान आपदा के 72 घंटे के भीतर नुकसान का ब्यौरा हमें या संबंधित बैंक या स्थानीय कृषि विभाग / जिला अधिकारियों को दे सकते हैं। आप हमारे फार्ममित्र मोबाइल ऐप का उपयोग करके भी हम तक पहुँच सकते हैं या टोल फ्री नंबर 1800-209-5959 पर हमें कॉल कर सकते हैं।
  • नुकसान सूचना विवरण में सर्वेक्षण संख्या-वार बीमित फसल और प्रभावित एकड़ (रकबा) के साथ बैंक खाता संख्या का (लोन लेने वाले किसान का) और बचत बैंक खाता संख्या का (लोन न लेने वाले किसान का) विवरण होना चाहिए।
  • हमारे द्वारा 48 घंटों के भीतर एक सर्वेक्षक नियुक्त किया जाएगा और सर्वेक्षक की नियुक्ति के 10 दिनों  के भीतर नुकसान का आकलन पूरा कर लिया जाएगा।
  • किसान द्वारा किए गए प्रीमियम के भुगतान को नुकसान की सूचना के 7 दिनों के भीतर बैंक या किसान पोर्टल से सत्यापित किया जाएगा।
  • कवर के आधार पर लागू भुगतान राशि को नुकसान के सर्वेक्षण के 15 दिनों के भीतर वितरित कर दिया जाएगा। हालांकि, यह ध्यान में रखें कि हम प्रीमियम सब्सिडी (रियायत) के 50% सरकारी हिस्से की प्राप्ति के बाद ही दावा जमा कर सकते हैं।

बुवाई न कर पाने की स्थिति में

बीमित किसान को बुवाई न कर पाने की स्थिति में बीमा कंपनी को नुकसान के बारे में बताने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ऐसा व्यापक आपदा की स्थिति में होगा और इस स्थिति में आकलन, क्षेत्र के आधार पर किया जाएगा। यह लाभ उस समय प्राप्ते होता है जब अधिकांश किसान खराब मौसमी स्थितियों के कारण अपनी फसल की बुवाई नहीं कर पाते हैं। इससे संबंधित विवरण नीचे दिया गया है:


  • अगर अधिसूचित बीमाकृत इकाई (IU) में प्रमुख फसल के बोए गये क्षेत्र का न्यूनतम 75% हिस्सा बोया न जा सके या सूखे या बाढ़ जैसी व्यापक आपदाओं के कारण बीज अंकुरित नहीं हो सके तो बीमित किसानों को बुवाई न कर पाने के तहत दावे का भुगतान किया जाएगा।
  • इस प्रावधान को राज्य सरकार द्वारा नामांकन की अंतिम तारीख के 15 दिनों के भीतर लागू किया जाना होता है।
  • बीमा कंपनी राज्य द्वारा बुवाई न हो पाने की अधिसूचना जारी करने के 30 दिनों के भीतर दावे का भुगतान करेगी, बशर्ते राज्य सरकार से बोए जा चुके क्षेत्र का अनुमानित आकंड़ा प्राप्त हो गया हो और सरकार से अग्रिम अनुदान (पहली किस्त) मिल गई हो।
  • बीमा कवर अंतिम दावों के रूप में किसानों को बीमा राशि के 25% के भुगतान के बाद रूक जाएगा।
  • जब बुवाई न कर पाने के तहत दावे का भुगतान कर दिया जाता है तो उसके बाद अधिसूचित IU और फसल के लिए प्रभावित किसानों से कोई नया नामांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा. यह अधिसूचित बीमा इकाइयों में रहने वाले सभी किसानों पर लागू होता है।

व्यापक आपदाएं

यह कवर क्षेत्रीय दृष्टिकोण के आधार पर उपज सीमा (TY) की तुलना में बीमित फसल की पैदावार में हुई कमी के लिए प्रदान किया जाता है।


  • अगर बीमित इकाई (IU) में बीमित फसल की वास्तविक उपज (AY), IU में बीमित फसल की उपज सीमा से कम है, तो उस बीमित इकाई में वही फसल उगाने वाले सभी बीमित किसानों को नुकसान से प्रभावित हुआ मान लिया जाता है। दावे की गणना इस प्रकार की जाती है: [ (उपज सीमा - वास्तविक उपज) / उपज सीमा ] x बीमित राशि जहां, AY की गणना बीमा इकाई में की गई CCE's की संख्या के आधार पर और TY की गणना पिछले सात वर्षों में श्रेष्ठत 5 वर्षों के औसत के रूप में की जाती है।

मध्य-मौसमी आपदा

यह कवर किसी भी व्यापक आपदा या प्रतिकूल मौसम के मामले में किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए दिया जाता है, जहां मौसम के दौरान अपेक्षित उपज, सामान्य उपज के 50% से कम होने की संभावना हो।

  • अगर प्रतिकूल गंभीर मौसमी दशाओं जैसे कि भयंकर सूखे, अकाल और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र द्वारा घोषित अकाल, असामान्य रूप से कम तापमान, कीटों, कीड़ों और बीमारियों की व्यापक घटनाओं और प्राकृतिक घटनाओं जैसे कि बाढ़ के कारण व्यापक हानि आदि के कारण बीमित फसल की अपेक्षित उपज, सामान्य उपज की तुलना में 50% से कम है तो बीमित किसान को मध्य-मौसमी आपदा दावे का भुगतान किया जाता है।
  • इस दावे के तहत, बीमित किसान को यह राशि सीधे उसके खाते में देय होगी और यह राशि कुल बीमा राशि की 25% होगी।
  • मध्य-मौसमी प्रतिकूलता की समय सीमा, फसल के बुवाई के एक महीने बाद और फसल की कटाई के 15 दिन पहले तक होती है।
  • राज्य सरकार, मध्य-मौसमी प्रतिकूलता के बारे में 7 दिनों के भीतर अधिसूचना जारी करेगी और प्रतिकूल मौसमी घटनाओं के अगले 15 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन किया जाएगा।
  • जिला स्तरीय संयुक्त समिति दावे का आकलन करेगी और तय करेगी कि इस स्थिति में दावे का भुगतान किया जा सकता है या नहीं।
  • लेखागत भुगतान की गणना इस प्रकार की जाएगी: [ (उपज सीमा - अनुमानित उपज ) / उपज सीमा ] x बीमित राशि x 25%

कटाई के बाद हुआ नुकसान

  • फसल की कटाई के बाद हुआ नुकसान, जो कि ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती बारिश और बेमौसम बारिश के कारण होता है, का आकलन व्यक्तिगत भूखंड/खेत के आधार पर पर किया जाता है, जबकि कटी फसल को कटाई के बाद 14 दिनों तक "काटा और फैला दिया गया" की स्थिति में खेत में सूखने के लिए रखा गया हो। ऐसे मामलों में बीमा कंपनी द्वारा बीमित किसानों को व्यक्तिगत आधार पर दावे का भुगतान किया जाएगा।
  • किसान को बीमा कंपनी, संबंधित बैंक, कृषि विभाग, जिला अधिकारियों को 72 घंटे के भीतर नुकसान के बारे में सूचित करना होगा। ऐसा बीमा कंपनी द्वारा प्रदान किए गए टोल फ्री नंबर का उपयोग करके किया जा सकता है।
  • बीमा कंपनी शिकायत प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर सर्वेक्षक नियुक्त करेगी। सर्वेक्षक की नियुक्ति से 10 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन पूरा हो जाना चाहिए।
  • नुकसान के आकलन से 15 दिनों के भीतर दावे का भुगतान किया जाएगा। इस नुकसान के आकलन के माध्यम से नुकसान के प्रतिशत का आकलन किया जाएगा।
  • अगर प्रभावित क्षेत्र कुल फसली क्षेत्र के 25% से अधिक है, तो बीमा इकाई में आने वाले सभी किसानों को नुकसान हुआ माना जाएगा और सभी बीमित किसानों को दावे का भुगतान किया जाएगा।

वर्तमान वर्ष में हम छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान राज्यों में PMFBY को लागू कर रहे हैं। हम छत्तीसगढ़ में उद्यान कृषि फसलों के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना भी लागू करने जा रहे हैं।

खरीफ और रबी 2021 के लिए हमारे द्वारा सेवित राज्यों और जिलों की सूची के लिए यहां क्लिक करें।

वर्ष 2016 2017 2018 2019 2020 कुल
खरीफ 1621058 2333669 1230911 3007223 2935494 11128355
रबी 491316 3579654 5198862 1786654 1114384 12170870
कुल 2112374 5913323 6429773 4793877 4049878 23299225

दिनांक: 30 जून 2021 के अनुसार दावा निपटान का संक्षिप्त विवरण 

राज्य
भुगतान किए गए दावे ( करोड़ में )
2016 2017 2018 2019 2020 कुल
आंध्रप्रदेश 570.31 0.00 596.63 0.00 0.00 1166.94
असम 0.00 0.00 1.78 0.00 0.00 1.78
बिहार 164.25 0.00 0.00 0.00 0.00 164.25
छत्तीसगढ़ 17.49 48.56 235.30 29.00 59.49 389.85
गुजरात 0.00 0.00 2.18 0.01 0.00 2.19
हरियाणा 134.16 363.53 0.00 136.88 109.65 744.21
झारखंड 0.00 0.00 50.98 0.00 0.00 50.98
कर्नाटक 0.00 0.00 0.00 20.78 24.05 44.83
मध्य प्रदेश 0.00 0.00 0.00 707.26 0.00 707.26
महाराष्ट्र 174.99 32.70 885.82 483.05 56.88 1633.43
राजस्थान 0.00 743.03 168.12 241.68 149.18 1302.01
तेलंगाना 54.74 5.40 36.75 0.00 0.00 96.88
उत्तर प्रदेश 0.00 58.23 18.22 26.52 0.00 102.98
उत्तराखंड 0.00 0.00 0.08 0.00 0.00 0.08
कुल 1115.94 1251.45 1995.86 1645.18 399.24 6407.67

 

महाराष्ट्र खरीफ 19-क्लेम :

महाराष्ट्र रबी 19-क्लेम :

यहां क्लिक करें

शिकायत निवारण

  • PMFBY से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए, आप हमारे फार्ममित्र मोबाइल ऐप के माध्यम से हमें सम्पर्क कर सकते हैं या टोल फ्री नंबर 1800-209-5959 पर हमें कॉल कर सकते हैं, या वैकल्पिक रूप से नीचे दी गयी आईडी पर हमें लिखें:

    श्री रवींद्र शर्मा, वर्टिकल हेड - एग्री टेक प्रोजेक्ट और कस्टमर एक्सपीरियंस,

    Ravindra.Sharma@bajajallianz.co.in

    श्री अंजनी कुमार राय, नॅशनल मॅनेजर - अ‍ॅग्री बिझिनेस,

    Anjani.Rai@bajajallianz.co.in

    हमारे जिला और ब्लॉक अधिकारियों के विवरण के लिए यहां क्लिक करें

    अपने नजदीकी कृषि बीमा कार्यालय का विवरण प्राप्त करने के लिए यहां क्लिक करें

     

ग्राहक की कहानियां

प्रेम सिंह जालोर, राजस्थान

मैंने समय सीमा के भीतर जलप्लावन के लिए फार्ममित्र पर बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी को सूचित किया। उनकी प्रतिक्रिया बहुत तेज थी और उन्होंने सूचना के 5 वें दिन सर्वेक्षण किया है। मैं उनकी प्रतिक्रिया से बहुत खुश हूं।

प्रशांत सुभाषराव देशमुख हिंगोली, महाराष्ट्र

मेरे जैसे किसानों की मदद करने के लिए बजाज आलियांज जीआईसी को धन्यवाद, जो वास्तव में इन विभिन्न कृषि जोखिमों से सुरक्षा चाहते हैं

PMFBY सफलता की कहानियां

PMFBY, फसल बीमा प्रश्नों के उत्तर

बीमा क्या है?

बीमा एक अप्रत्याशित अप्रत्याशित नुकसान की एक छोटी सी संभावना के खिलाफ आपको और आपकी संपत्ति को बचाने के लिए एक उपकरण है। बीमा पैसा बनाने के लिए नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति या व्यवसाय को अप्रत्याशित नुकसान की भरपाई करने में मदद करने के लिए है जो अन्यथा एक वित्तीय आपदा का कारण बन सकता है। मूल रूप से यह लोगों को जोखिम को हस्तांतरित करने और साझा करने के लिए एक साधन उपलब्ध कराने की एक तकनीक है, जहां कुछ लोगों को हुए नुकसान की भरपाई इसी तरह के जोखिमों के लिए उजागर किए गए कई लोगों द्वारा किए गए छोटे योगदानों के माध्यम से संचित धन से होती है।

फसल बीमा क्या है?

फसल बीमा एक ऐसी व्यवस्था है जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों के नुकसान और विनाश के कारण होने वाली वित्तीय हानि को कम करना है, जो उनके उत्पादन जोखिमों के कारण होता है।

(PMFBY) पीएमएफबीवाई क्या है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) का उद्देश्य विशिष्ट बीमा इकाई के लिए पूर्वनिर्धारित स्तर पर अपनी फसल उत्पादन का बीमा करके कृषि क्षेत्र में टिकाऊ उत्पादन का समर्थन करना है।

मौसम आधारित फसल बीमा क्या है?

मौसम आधारित फसल बीमा का उद्देश्य वर्षा, तापमान, ठंढ, नमी, हवा की गति, चक्रवात आदि जैसे प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण होने वाली अनुमानित फसल हानि के लिए बीमित किसानों की कठिनाई को कम करना है।

पीएमएफबीवाई के तहत कितनी फसलें आती हैं?

यह विशिष्ट बीमा इकाई की प्रमुख फसलों को शामिल करता है जैसे अ. खाद्य फसलों में अनाज, बाजरा और दालें, शामिल हैं ब. तिलहन और स. वार्षिक वाणिज्यिक / बागवानी फसलें आदि।

व्यक्तिगत किसान के लिए बीमित / कवरेज सीमा क्या है?

अ. कर्जदार और गैर-कर्जदार किसानों के लिए प्रति बीमित राशि जिला स्तर की तकनीकी समिति द्वारा तय किए गए वित्त के पैमाने के बराबर और समान होगी, और एसएलसीसीआई और अधिसूचित द्वारा पूर्व-घोषित किया जाएगा। स्केल ऑफ़ फ़ाइनेंस की कोई अन्य गणना लागू नहीं होगी। व्यक्तिगत किसान के लिए बीमित राशि बीमा के लिए किसान द्वारा प्रस्तावित अधिसूचित फसल के क्षेत्र से गुणा प्रति हेक्टेयर वित्तमान  के बराबर है। 'खेती के अंतर्गत क्षेत्र' हमेशा 'हेक्टेयर' में व्यक्त किया जाएगा। ब.  सिंचित और असिंचित क्षेत्रों के लिए बीमित राशि अलग हो सकती है

खरीफ सीजन के लिए फसल बीमा में नामांकन की अंतिम तिथि क्या होगी?

यह फसल जीवनचक्र और संबंधित राज्य सरकार की अधिसूचना पर निर्भर करता है।

रबी सीजन के लिए फसल बीमा में नामांकन की अंतिम तिथि क्या होगी?

यह फसल जीवनचक्र और संबंधित राज्य सरकार की अधिसूचना पर निर्भर करता है।

फसल बीमा प्रदान करने वाली कितनी कंपनियां हैं?

फसल बीमा में 12 प्रमुख कंपनियां इस प्रकार हैं

i.              एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी

ii.             चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी

iii.            रिलायन्स जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड

iv.           बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड

v.            फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड

vi.           एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड

vii.        इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड

viii.       यूनिवर्सल सोमपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी

ix.         आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड

x.          टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड.

xi.         एसबीआई जनरल इंश्योरेंस

xii.        यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी

फसल बीमा के लिए प्रीमियम दरें और प्रीमियम सब्सिडी क्या हैं?

बीमांकिक प्रीमियम दर (APR) को कार्यान्वयन एजेंसी (IA) द्वारा PMFBY के तहत लिया जाएगा। किसान द्वारा देय बीमा शुल्क की दर निम्न तालिका के अनुसार होगी:

सीज़न फसल किसान द्वारा देय अधिकतम बीमा शुल्क (बीमित राशि का%)
खरीफ सभी खाद्य अनाज और तिलहन फसलें (अनाज, बाजरा, दलहन और तिलहन) SI या बीमांकिक दर 2.0%, जो भी कम हो
रबी खाद्य अनाज और तिलहन फसलें (अनाज, बाजरा, दलहन और तिलहन) एसआई या बीमांकिक दर का 1.5%, जो भी कम हो
खरीफ और रबी वार्षिक वाणिज्यिक / वार्षिक बागवानी फसलों में 5% एसआई या बीमांकिक दर, जो भी कम हो

किस प्रकार के जोखिम को कवर किया जा सकता है और अपवाद?

निम्नलिखित जोखिम को फसल नुकसान के लिए योजना के तहत कवर किया जाना है

अ. उपज हानियों (खड़ी फसलों, अधिसूचित क्षेत्र के आधार पर): गैर-रोके जाने योग्य जोखिमों के कारण उपज हानि को कवर करने के लिए व्यापक जोखिम बीमा प्रदान किया जाता है, जैसे (i) प्राकृतिक आग और बिजली (ii) तूफान, हेलस्टॉर्म, साइक्लोन, टाइफून, टेंपेस्ट। तूफान, बवंडर आदि (iii) बाढ़, बाढ़ और भूस्खलन (iv) सूखा, सूखा मंत्र (v) कीट / रोग आदि।

ब. असफल बुवाई (अधिसूचित क्षेत्र के आधार पर): - अधिसूचित इकाई में बोए गए 75% से अधिक क्षेत्र में फसलों को प्रभावित करने वाले पात्र जोखिमों की व्यापक घटनाओं के मामले में किसानों को बीमा कवर प्रदान किया जाएगा, यह कवर केवल अधिसूचित फसलों और फसलों के लिए उपलब्ध है। पात्र किसानों को बीमा राशि का दावा के रूप में 25% का भुगतान किया जाएगा।

ऐसे मामलों में जहां अधिसूचित क्षेत्र के बहुसंख्यक बीमित किसानों के पास, बुवाई / संयंत्र लगाने का इरादा और उद्देश्य के लिए खर्च किया जाता है, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण बीमित फसल को बोने / बोने से रोका जाता है, बीमा राशि का अधिकतम 25% क्षतिपूर्ति दावों के लिए पात्र होगा।

स. फसल कटाई उपरान्त नुकसान (व्यक्तिगत कृषि आधार): कवरेज उन फसलों के लिए कटाई से 14 दिनों की अधिकतम अवधि तक उपलब्ध है, जिन्हें कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए "कट और फैल" स्थिति में रखा जाता है, चक्रवात के विशिष्ट खतरों के खिलाफ / पूरे देश में चक्रवाती बारिश, बेमौसम बारिश।

द. स्थानीय आपदा ((व्यक्तिगत कृषि आधार): पहचान किए गए स्थानीय जोखिमों यानी ओलावृष्टि, भूस्खलन, और नुकसान की सूचना मिलने के कारण होने वाला नुकसान / क्षति अधिसूचित क्षेत्र में पृथक खेतों को प्रभावित करता है।

अपवाद: निम्नलिखित खतरों से उत्पन्न होने वाले जोखिम और नुकसान को बाहर रखा जाएगा: - युद्ध और तरह के खतरों, परमाणु जोखिम, दंगे, दुर्भावनापूर्ण क्षति, चोरी, दुश्मनी का कार्य, चराई और / और घरेलू और / या जंगली जानवरों को नष्ट कर दिया, मामले में। फसल कटाई उपरान्त नुकसान के मामले में, काटे गए फसल को थ्रेसिंग से पहले एक जगह पर बांध दिया जाता है और अन्य रोके जाने योग्य जोखिमों 

Disclaimer

I hereby authorize Bajaj Allianz General Insurance Co. Ltd. to call me on the contact number made available by me on the website with a specific request to call back at a convenient time. I further declare that, irrespective of my contact number being registered on National Customer Preference Register (NCPR) under either Fully or Partially Blocked category, any call made or SMS sent in response to my request shall not be construed as an Unsolicited Commercial Communication even though the content of the call may be for the purposes of explaining various insurance products and services or solicitation and procurement of insurance business. Furthermore, I understand that these calls will be recorded & monitored for quality & training purposes, and may be made available to me if required.

Please enter valid quote reference ID

  • Select
    Please select
  • Please write your comment

Getting In Touch With Us Is Easy

  • Customer Login

    Go
  • Partner Login

    Go
  • Employee Login

    Go