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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय)

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) - Crop Insurance Scheme

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का विवरण

अप्रैल, 2016 में, भारत सरकार द्वारा पूर्ववर्ती बीमा योजनाओं जैसे कि राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एनएआईएस), मौसम आधारित फसल बीमा योजना और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एमएनएआईएस) आदि को वापस लेने के बाद, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय) की शुरुआत की गई थी. इस प्रकार, वर्तमान में, पीएमएफबीवाय भारत में कृषि बीमा के लिए प्रमुख सरकारी योजना है.

कवर में शामिल जोखिम

फसल नहीं बोने/लगा सकने का जोखिम

फसल नहीं बोने/लगा सकने का जोखिम

 किसान कम वर्षा या प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण फसल नहीं बोने या रोप सकने की स्थिति में एसआई (सम इंश्योर्ड) का 25% तक कवर के रूप में प्राप्त कर सकते हैं. यह उन मामलों में लागू होगा जब किसान का फसल रोपने/बोने का पूरा इरादा था और वह इसके लिए आवश्यक खर्च भी कर चुका था.

स्थानीय जोखिम

स्थानीय जोखिम

अधिसूचित क्षेत्र में पृथक खेत को प्रभावित करने वाले चिन्हित स्थानीय जोखिम जैसे ओलावृष्टि, भू-स्खलन और बाढ़ आदि के कारण होने वाले नुकसान/क्षति.

खड़ी फसल (बुवाई से कटाई तक)

खड़ी फसल (बुवाई से कटाई तक)

प्राकृतिक आग या बिजली, तूफान, टेम्पेस्ट, चक्रवात, सुखाड़/बारिश नहीं होना, कीट या रोगों जैसे रोके नहीं जा सकने वाले जोखिमों के कारण उपज में होने वाले नुकसान के लिए कम्प्रीहेंसिव रिस्क इंश्योरेंस प्रदान किया जाता है.

मौसम के बीच की प्रतिकूलता

मौसम के बीच की प्रतिकूलता

यह कवर किसी भी व्यापक आपदा या प्रतिकूल मौसम के मामले में किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए दिया जाता है, जहां मौसम के दौरान अपेक्षित उपज, सामान्य उपज के 50% से कम होने की संभावना हो.

कटाई के बाद हुआ नुकसान

कटाई के बाद हुआ नुकसान

यह कवरेज, फसल कटाई से दो सप्ताह की अधिकतम अवधि तक के लिए ही उपलब्ध है, और यह उन फसलों के लिए लागू होता है, जिन्हें कटाई के बाद सुखाने के लिए खेत में फैला दिया जाता है. यह कवरेज, चक्रवात, चक्रवाती बारिश और बेमौसम बरसात के जोखिम के लिए उपलब्ध है.

   
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पीएमएफबीवाय के तहत कवर की जाने वाली फसलें

  • खाद्य फसलें (अनाज, बाजरा और दालें)
  • तिलहन
  • वार्षिक कमर्शियल/उद्यान कृषि संबंधी फसलें

मुख्य विशेषताएं

  • स्थानीयकृत जोखिम और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान शामिल हैं.
  • तेज़, परेशानी मुक्त क्लेम के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग.
  • टेलीफोन से 1800-209-5959 पर क्लेम सूचित करें

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ (पीएमएफबीवाय)

  • प्रीमियम में किसानों का योगदान काफी कम हुआ है, अर्थात खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वार्षिक व कमर्शियल फसलों के लिए 5%.
  • ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव, आकाशीय बिजली, और बादल फटने जैसे स्थानीय जोखिम के कारण व्यक्तिगत रूप से हुए नुकसान का आकलन करने का प्रावधान.
  • पूरे देश में चक्रवात, चक्रवाती बारिश और बेमौसम बारिश होने की स्थिति में, जिसमें दो सप्ताह (14 दिन) की अधिकतम अवधि तक खेत में 'काटा और फैला दिया' की स्थिति में केवल सूखने के उद्देश्य से रखी फसल को हुए नुकसान का व्यक्तिगत भूखंड के आधार पर आकलन करना.
  • फसल नहीं रोप सकने और स्थानीय नुकसान के मामले में किसानों को क्लेम का भुगतान अकाउंट में किया जाता है.
  • इस योजना के तहत तकनीक के उपयोग को भी काफी हद तक प्रोत्साहित किया जाएगा. किसानों को क्लेम के भुगतान में होने वाली देरी को कम करने के लिए फसल की कटाई संबंधी डेटा को एकत्र करने और अपलोड करने के लिए स्मार्ट फोन का उपयोग किया जाएगा. इस स्कीम के तहत फसल कटाई संबंधी प्रयोगों की संख्या को कम करने के लिए रिमोट सेंसिंग का भी उपयोग किया जाएगा.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय) में शामिल नहीं किए जाने वाले जोखिम

  • दुर्भावनापूर्ण इरादे से पहुंचाया गया नुकसान
  • रोके जा सकने वाले जोखिम
  • युद्ध और परमाणु जोखिमों से होने वाले नुकसान

पीएमएफबीवाय में प्रीमियम दरें और प्रीमियम पर सब्सिडी

पीएमएफबीवाय के तहत बीमांकिक प्रीमियम दर (एपीआर) ली जाती है. यह दर सम इंश्योर्ड पर लागू होती है. इस स्कीम के अंतर्गत किसानों द्वारा भुगतान योग्य अधिकतम प्रीमियम दर का निर्धारण निम्नलिखित टेबल के अनुसार किया जाता है:

मौसम फसल किसान द्वारा देय अधिकतम इंश्योरेंस शुल्क
खरीफ सभी खाद्यान्न और तिलहनी फसलें सम इंश्योर्ड का 2%
रबी सभी खाद्यान्न और तिलहनी फसलें सम इंश्योर्ड का 1.5%
खरीफ और रबी वार्षिक कमर्शियल/उद्यान कृषि संबंधी फसलें
बारहमासी उद्यान कृषि संबंधी फसलें (प्राथमिक/ इम्तहानी तौर पर)
सम इंश्योर्ड का 5%

 

नोट: बाकी प्रीमियम राज्य और केंद्र सरकार द्वारा भुगतान समान रूप से किया जाएगा.

पीएमएफबीवाय फसल बीमा क्लेम प्रोसीज़र

बजाज आलियांज़ में हमारे साथ प्रधानमंत्री बीमा योजना के लिए क्लेम प्रोसेस आसान है और यह तुरंत पूरा हो जाता है.

 

स्थानीय नुकसान के लिए

  • किसान आपदा के 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना हमें या संबंधित बैंक या स्थानीय कृषि विभाग / जिला अधिकारियों को दे सकते हैं. वे हमारे फार्ममित्र मोबाइल ऐप का उपयोग करके भी हमसे संपर्क कर सकते हैं या हमें टोल फ्री नंबर 1800-209-5959 पर कॉल कर सकते हैं.
  • इस सूचना में बैंक अकाउंट नंबर (लोन लेने वाले किसान) और सेविंग बैंक अकाउंट नंबर (लोन नहीं लेने वाले किसान) की जानकारी के साथ सर्वे नंबर के अनुसार इंश्योर्ड फसल और प्रभावित एकड़ (रकबा) की जानकारी शामिल होनी चाहिए.
  • हमारे द्वारा 48 घंटों के भीतर एक सर्वेक्षक नियुक्त किया जाएगा और सर्वेक्षक की नियुक्ति के 72 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन पूरा कर लिया जाएगा.
  • किसान द्वारा किए गए प्रीमियम के भुगतान को नुकसान की सूचना के 7 दिनों के भीतर बैंक या किसान पोर्टल से सत्यापित किया जाएगा.
  • कवर के आधार पर भुगतान योग्य राशि को नुकसान के सर्वे के 15 दिनों के भीतर डिस्बर्स कर दिया जाएगा. फिर भी, यह ध्यान में रखें कि हम प्रीमियम सब्सिडी (रियायत) के 50% सरकारी हिस्से की प्राप्ति के बाद ही क्लेम की राशि क्रेडिट कर सकते हैं.

बुवाई न कर पाने की स्थिति में

इंश्योर्ड किसान को बुवाई न कर पाने की स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी को नुकसान की सूचना देने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ऐसा व्यापक आपदा की स्थिति में होगा और इस स्थिति में आकलन क्षेत्र के आधार पर किया जाएगा. यह लाभ उस समय प्राप्त होता है जब अधिकांश किसान खराब मौसमी स्थितियों के कारण अपनी फसल की बुवाई नहीं कर पाते हैं. इससे संबंधित अधिक जानकारी नीचे दी गई है:


  • अगर अधिसूचित इंश्योरेंस यूनिट (आईयू) में प्रमुख फसल के बुवाई क्षेत्र के न्यूनतम 75% भाग पर बुवाई नहीं की जा सकी है या सूखे या बाढ़ जैसी व्यापक आपदाओं के कारण बीज अंकुरित नहीं हो सके हैं, तो इंश्योर्ड किसानों को बुवाई न कर पाने की स्थिति के तहत क्लेम का भुगतान किया जाएगा.
  • इस प्रावधान का आह्वान राज्य सरकार द्वारा एनरोलमेंट की अंतिम तिथि से 15 दिनों के भीतर कर दिया जाना चाहिए.
  • इंश्योरेंस कंपनी राज्य द्वारा बुवाई न हो पाने की अधिसूचना जारी करने के 30 दिनों के भीतर क्लेम का भुगतान करेगी, बशर्ते राज्य सरकार से बोए जा चुके क्षेत्र का अनुमानित आकंड़ा प्राप्त हो गया हो और सरकार से एडवांस सब्सिडी (1st किश्त) प्राप्त हो गई हो.
  • किसानों को अंतिम क्लेम के रूप में सम इंश्योर्ड का 25% भुगतान करने के बाद इंश्योरेंस कवर समाप्त हो जाएगा.
  • जब बुवाई न कर पाने की स्थिति के तहत क्लेम का भुगतान कर दिया गया हो, तो उसके बाद प्रभावित अधिसूचित आईयू और फसल के लिए किसान नया एनरोलमेंट नहीं कर पाएंगे. यह अधिसूचित इंश्योरेंस यूनिट में आने वाले सभी किसानों पर लागू होता है.

व्यापक आपदाएं

यह कवर क्षेत्र के आधार पर इंश्योर्ड फसल की कुल अनुमानित उपज (टीवाय) की तुलना में वास्तविक उपज में आई कमी के लिए भुगतान करता है.


  • अगर बीमित इकाई (IU) में बीमित फसल की वास्तविक उपज (AY), थ्रेशोल्ड उपज से कम है, तो बीमित इकाई के सभी बीमित किसानों को हुआ नुकसान उसी के समान माना जाएगा. यह सिर्फ तभी समान माना जाएगा जब सभी किसान एक ही फसल की खेती कर रहे हों. क्लेम की गणना इस प्रकार की जाती है: ((अनुमानित उपज - वास्तविक उपज) / अनुमानित उपज) * (सम इंश्योर्ड), जहां एवाई की गणना, इंश्योरेंस यूनिट में किए गए सीसीई की संख्या के आधार पर की जाती है और टीवाई की गणना, पिछले सात वर्षों के सर्वश्रेष्ठ 5 वर्षों के औसत के आधार पर की जाती है

मध्य-मौसमी आपदा

यह कवर किसी भी व्यापक आपदा या प्रतिकूल मौसम के मामले में किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए दिया जाता है, जहां मौसम के दौरान अपेक्षित उपज, सामान्य उपज के 50% से कम होने की संभावना हो.

  • अगर प्रतिकूल गंभीर मौसमी परिस्थितियों जैसे कि भयंकर सूखे, अकाल और राज्य/केंद्रशासित प्रदेश द्वारा घोषित अकाल, असामान्य रूप से कम तापमान, कीटों, कीड़ों और बीमारियों की व्यापक घटनाओं और बाढ़ जैसी प्राकृतिक घटनाओं के कारण हुई समस्याओं के कारण इंश्योर्ड फसल की अपेक्षित उपज उसकी सामान्य उपज के 50% से कम है, तो इंश्योर्ड किसान को मध्य-मौसमी आपदा के क्लेम का भुगतान किया जाएगा.
  • इस क्लेम के तहत, इंश्योर्ड किसान को देय राशि का भुगतान सीधे उसके अकाउंट में किया जाएगा और यह राशि कुल सम इंश्योर्ड का 25% होगी.
  • मध्य-मौसमी आपदा की समय सीमा, फसल की बुवाई के एक महीने बाद से फसल की कटाई के 15 दिन पहले तक की होगी.
  • राज्य सरकार, मध्य-मौसमी प्रतिकूलता के बारे में 7 दिनों के भीतर अधिसूचना जारी करेगी और प्रतिकूल मौसमी घटनाओं के अगले 15 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन किया जाएगा.
  • जिला स्तर की संयुक्त समिति क्लेम का आकलन करेगी और तय करेगी कि इस स्थिति में क्लेम का भुगतान किया जा सकता है या नहीं.
  • ऑन-अकाउंट की गणना करने का फॉर्मूला है: ((अनुमानित उपज - वास्तविक उपज) / अनुमानित उपज ) *(सम इंश्योर्ड * 25% )

कटाई के बाद हुआ नुकसान

  • कटाई के बाद ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती बारिश और बेमौसम बारिश के कारण उपज में हुए नुकसान का आकलन व्यक्तिगत प्लॉट/खेत के आधार पर किया जाता है, जब कटी हुई फसल को फसल की कटाई से 14 दिनों तक खेतों में सूखने के लिए 'काट कर फैला देने' की स्थिति में रखा गया हो. ऐसे मामलों में, इंश्योरेंस कंपनी द्वारा इंश्योर्ड किसानों को क्लेम का भुगतान व्यक्तिगत आधार पर किया जाएगा.
  • किसानों को 72 घंटे के भीतर इंश्योरेंस कंपनी, संबंधित बैंक, कृषि विभाग व जिला अधिकारियों को नुकसान की सूचना दे देनी चाहिए. यह कार्य इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रदान किए गए टोल फ्री नंबर के माध्यम से किया जा सकता है.
  • इंश्योरेंस कंपनी शिकायत प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर सर्वेक्षक नियुक्त करेगी. सर्वेक्षक की नियुक्ति से 10 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन पूरा हो जाना चाहिए.
  • नुकसान के आकलन से 15 दिनों के भीतर क्लेम का भुगतान कर दिया जाएगा. इस नुकसान के आकलन के माध्यम से नुकसान के प्रतिशत का आकलन किया जाएगा.
  • अगर प्रभावित क्षेत्र कुल फसली क्षेत्र के 25% से अधिक है, तो यह माना जाएगा कि इंश्योरेंस यूनिट में आने वाले सभी किसानों को नुकसान हुआ है और सभी इंश्योर्ड किसानों को क्लेम का भुगतान किया जाएगा.

इस वर्ष के लिए, हम छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मणिपुर, गोवा और पुडुचेरी केंद्रशासित प्रदेश में पीएमएफबीवाय लागू कर रहे हैं

यहां क्लिक करें और खरीफ और रबी 2022 के लिए हमारे लिस्ट में दर्ज राज्यों और ज़िलों के बारे में जानें, जहां हम सेवाएं प्रदान करते हैं.

वर्ष 2016 2017 2018 2019 2020 2021 2022 2023 प्रोसेस की गई एप्लीकेशन
खरीफ 16,21,058 23,34,387 12,30,974 30,07,435 29,35,539 36,54,915 52,20,660 79,75,140 2,79,80,108
रबी 4,91,316 35,79,654 51,98,862 17,86,654 11,16,719 20,97,610 35,73,521 - 1,78,44,336
कुल 21,12,374 59,14,041 64,29,836 47,94,089 40,52,258 57,52,525 87,94,181 79,75,140 4,58,24,444

क्लेम सेटलमेंट का संक्षिप्त विवरण, तिथि : 31st नवंबर 2023 

राज्य
भुगतान किए गए क्लेम ( करोड़ में )
2016 2017 2018 2019 2020 2021 2022 2023 कुल
आंध्रप्रदेश 570.32 0.00 602.32 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 1,172.64
असम 0.00 0.00 1.78 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 1.78
बिहार 164.25 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 164.25
छत्तीसगढ़ 17.48 48.57 236.01 28.98 87.89 150.28 97.08 0.03 666.31
गुजरात 0.00 0.00 2.18 0.01 0.00 0.00 0.00 0.00 2.19
हरियाणा 134.16 364.91 0.00 137.00 140.06 279.70 382.64 0.00 1,438.48
झारखंड 0.00 0.00 49.18 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 49.18
कर्नाटक 0.00 0.00 0.00 28.38 183.86 143.49 158.95 57.48 572.15
मध्य प्रदेश 0.00 0.00 0.00 710.02 0.00 0.00 0.00 0.00 710.02
महाराष्ट्र 174.99 32.71 880.21 480.26 361.58 401.04 341.05 0.00 2,671.84
मणिपुर 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 1.45 1.43 0.00 2.88
राजस्थान 0.00 743.26 168.81 241.69 251.89 759.86 595.52 0.00 2,761.03
तमिलनाडु 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 115.57 0.00 115.57
तेलंगाना 54.48 5.34 36.44 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 96.26
उत्तर प्रदेश 0.00 58.24 18.18 26.47 0.00 0.00 0.00 0.00 102.90
उत्तराखंड 0.00 0.00 0.08 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 0.08
पश्चिम बंगाल 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 184.38 184.38
कुल 1,115.68 1,253.04 1,995.20 1,652.81 1,025.28 1,735.80 1,692.23 241.90 10,711.93

वर्ष 2019, वर्ष 2020, वर्ष 2021 और वर्ष 2022 के लिए महाराष्ट्र के लाभार्थियों की लिस्ट डाउनलोड करें

शिकायत निवारण

  • लेवल 1: आप हमारे फार्ममित्र मोबाइल ऐप का उपयोग करके हमसे संपर्क कर सकते हैं या हमें 1800-209-5959 पर कॉल कर सकते हैं

    लेवल 2: ई-मेल: bagichelp@bajajallianz.co.in

    लेवल 3: शिकायत निवारण अधिकारी: हम कस्टमर की समस्याओं को तुरंत हल करने का निरंतर प्रयास करते हैं. अगर आप हमारी टीम द्वारा दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप हमारे शिकायत निवारण अधिकारी श्री जेरोम विंसेंट के पास शिकायत कर सकते हैं ggro@bajajallianz.co.in

    लेवल 4: अगर शिकायत का समाधान न हो और आप हमारे केयर स्पेशलिस्ट से बात करना चाहते हों तो कृपया +91 80809 45060 पर मिस्ड कॉल दें या <WORRY> लिखकर 575758 पर SMS करें और हमारे केयर स्पेशलिस्ट आपको वापस कॉल करेंगे

    कृपया हमारे सर्विस नेटवर्क को आपकी समस्या पर काम करने के लिए पर्याप्त समय दें. हम आपकी सुरक्षा के लिए 'केयरिंगली योर्स' में विश्वास करते हैं और हम आपको आश्वस्त करते हैं कि इस कंपनी का प्रत्येक कर्मचारी इस वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.

    अगर 1, 2, 3 और 4 लेवल का पालन करने के बाद आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो आप निवारण के लिए इंश्योरेंस ओम्बड्समैन से संपर्क कर सकते हैं. अपने नज़दीकी ओम्बड्समैन ऑफिस के बारे में जानने के लिए, कृपया यहां जाएं https://www.cioins.co.in/Ombudsman

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पीएमएफबीवाय: सफलता की कहानियां

ANSWERS TO PMFBY, CROP INSURANCE QUESTIONS

पीएमएफबीवाय फसल बीमा से संबंधित प्रश्नों के उत्तर

इंश्योरेंस क्या है?

इंश्योरेंस आपको और आपके एसेट को बड़े अप्रत्याशित नुकसान की छोटी संभावनाओं से बचाने का एक टूल है. इंश्योरेंस का उद्देश्य पैसे कमाना नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति या बिज़नेस को अप्रत्याशित नुकसान की भरपाई करने में मदद करने के लिए है, जो फाइनेंशियल परेशानी का कारण बन सकता है. यह लोगों के जोखिम को दूर करने और शेयर करने का एक साधन है, जहां जोखिमों वाले कई लोगों द्वारा किए गए छोटे योगदान के माध्यम से जमा किए गए फंड से अन्य कुछ लोगों को होने वाले नुकसान को पूरा किया जाता है.

क्रॉप इंश्योरेंस (या फसल बीमा) क्या है?

क्रॉप इंश्योरेंस (या फसल बीमा) एक ऐसी व्यवस्था है जिसका उद्देश्य उत्पादन से संबंधित विभिन्न जोखिमों के कारण किसानों को फसलों के नुकसान और क्षति से होने वाली फाइनेंशियल हानि को कम करना है.

पीएमएफबीवाई क्या है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय) का उद्देश्य विशिष्ट इंश्योरेंस यूनिट के लिए पहले से निर्धारित लेवल पर, फसल उत्पादन का इंश्योरेंस करके कृषि क्षेत्र में सुरक्षित उत्पादन का समर्थन करना है. 

मौसम आधारित क्रॉप इंश्योरेंस (फसल बीमा) क्या है?

मौसम आधारित क्रॉप इंश्योरेंस (फसल बीमा) का उद्देश्य वर्षा, तापमान, फ्रॉस्ट, नमी, हवा की गति, चक्रवात आदि जैसी प्रतिकूल मौसमी स्थितियों के कारण अनुमानित फसल में होने वाली हानि के मामले में इंश्योर्ड किसानों को हुए फाइनेंशियल नुकसान की भरपाई करना है.

पीएमएफबीवाई के तहत कौन सी फसलें कवर की जाती हैं?

यह विशेष इंश्योरेंस यूनिट की प्रमुख फसलों को कवर करता है जैसे.

क. खाद्य फसलों में अनाज, बाजरा और दालें शामिल हैं,

ख. तिलहन और ग. वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसलें आदि.

पीएमएफबीवाई का लाभ कौन उठा सकता है?

अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों को उगाने वाले बटाईदारों और पट्टेदार किसानों सहित सभी किसान कवरेज के लिए पात्र हैं. 

व्यक्तिगत किसान के लिए सम इंश्योर्ड / कवरेज लिमिट क्या है?

जिला स्तरीय तकनीकी समिति पिछले वर्षों में संबंधित फसल के लिए फाइनेंस या औसत उपज और फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर सम इंश्योर्ड का निर्धारण करती है. 

खरीफ और रबी मौसम के लिए क्रॉप इंश्योरेंस में नामांकन की अंतिम तिथि क्या होगी?

यह फसलों के जीवनचक्र और संबंधित राज्य सरकार की अधिसूचना पर निर्भर करता है.

क्रॉप इंश्योरेंस (फसल बीमा) के लिए प्रीमियम दरें और प्रीमियम सब्सिडी क्या हैं?

पीएमएफबीवाय के तहत बीमांकिक प्रीमियम दर (एपीआर) को कार्यान्वयन एजेंसी (आईए) द्वारा लिया जाएगा. किसान द्वारा देय इंश्योरेंस शुल्क की दर निम्नलिखित टेबल के अनुसार होगी:

मौसम फसल किसान द्वारा देय अधिकतम इंश्योरेंस शुल्क, प्रीमियम दरें (सम इंश्योर्ड का %)
खरीफ सभी खाद्य अनाज और तिलहन फसलें (अनाज, बाजरा, दलहन और तिलहन) 2.0%
रबी सभी खाद्य अनाज और तिलहन फसलें (अनाज, बाजरा, दलहन और तिलहन) 1.5%
खरीफ और रबी वार्षिक कमर्शियल/उद्यान कृषि संबंधी फसलें 5%

पीएमएफबीवाई स्कीम द्वारा किन जोखिमों को कवर किया जाता है?

पीएमएफबीवाई स्कीम के तहत कवर किए जाने वाले जोखिम निम्न हैं: 

बेसिक कवर: इस स्कीम के तहत बेसिक कवर खड़ी फसल (बुवाई से कटाई) की उपज के नुकसान के जोखिम को कवर करता है. यह कम्प्रीहेंसिव रिस्क इंश्योरेंस सूखा, सूखा मौसम, बाढ़, सैलाब, व्यापक रूप से फैलने वाले कीट और रोगों का हमला, भूस्खलन, बिजली गिरने के कारण प्राकृतिक रूप से लगी आग, तूफान, ओलावृष्टि और चक्रवात जैसे गैर-रोकथाम योग्य जोखिमों के कारण क्षेत्र आधारित दृष्टिकोण के आधार पर उपज के नुकसान को कवर करने के लिए प्रदान किया जाता है.

ऐड-ऑन कवरेज: अनिवार्य बेसिक कवर के अलावा, फसल बीमा पर राज्य स्तरीय समन्वय समिति (एसएलसीसीसीआई) के परामर्श से राज्य सरकार/केंद्रशासित प्रदेश, अपने राज्य में फसल/क्षेत्र की आवश्यकता के आधार पर निम्नलिखित एक या सभी ऐड-ऑन कवर चुन सकते हैं, ताकि फसल के निम्नलिखित चरणों को कवर किया जा सके और फसल नुकसान के कारण होने वाले जोखिमों को कवर किया जा सके:-

बुवाई/रोपाई/अंकुरण के जोखिम को रोकना: कम वर्षा या प्रतिकूल मौसमी/जलवायु परिस्थितियों के कारण इंश्योर्ड क्षेत्र में बुवाई/रोपाई/अंकुरण पर रोक लगाई जाती है.

मौसम के बीच की प्रतिकूलता: फसल के मौसम के दौरान प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियां, जैसे बाढ़, लंबे समय तक सूखा और गंभीर सूखा आदि के मामले में नुकसान, जिसमें मौसम के दौरान अपेक्षित उपज सामान्य उपज के 50% से कम होने की संभावना है. इस ऐड-ऑन कवरेज से ऐसे जोखिमों के मामले में इंश्योर्ड किसानों को तुरंत राहत मिलती है.

कटाई के बाद होने वाले नुकसान: कटाई के बाद खेत में विशिष्ट खतरों, जैसे ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती बारिश और बेमौसम बारिश के खिलाफ, उन फसलों के लिए, कटाई से अधिकतम दो सप्ताह तक कवरेज उपलब्ध है, जिन्हें उस क्षेत्र में फसलों की आवश्यकता के आधार पर कटाई करने और फैलाने / छोटे बंडल में करके सुखाने की आवश्यकता होती है.

स्थानीय आपदाएं: अधिसूचित क्षेत्र में अलग-अलग खेतों को प्रभावित करने वाली ओलावृष्टि, भूस्खलन, बाढ़, बादल फटने और प्राकृतिक आग के पहचाने गए स्थानीय जोखिमों की घटना के कारण अधिसूचित इंश्योर्ड फसलों को नुकसान / क्षति.

पीएमएफबीवाई स्कीम में बिना कर्ज वाले किसान कैसे नामांकन कर सकते हैं?

बिना कर्ज वाले किसान स्कीम के एप्लीकेशन फॉर्म को भरकर और नियत तिथि से पहले इसे सबमिट करके पीएमएफबीवाई स्कीम के लिए नामांकन कर सकते हैं. किसान निम्नलिखित में से कहीं भी फार्म सबमिट कर सकते हैं:

● नज़दीकी बैंक ब्रांच

● कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी)

● अधिकृत चैनल पार्टनर

● इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट के पास, वैकल्पिक रूप से किसान व्यक्तिगत रूप से देय तिथि से पहले National Crop Insurance Portal www.pmfby.com पर जा सकते हैं और ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं.

बिना कर्ज वाले किसानों के लिए इस स्कीम में भाग लेने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होती है?

बिना कर्ज वाले किसानों को इस स्कीम में भाग लेने के लिए निम्नलिखित डॉक्यूमेंट सबमिट करने होंगे:-

1. भूमि स्वामित्व के डॉक्यूमेंट – (अधिकार के रिकॉर्ड (आरओआर), भूमि पजेशन सर्टिफिकेट (एलपीसी) आदि.

2. आधार कार्ड

3. बैंक पासबुक (इसमें किसान का नाम, अकाउंट नंबर/आईएफएससी कोड स्पष्ट होना चाहिए)

4. फसल बुवाई सर्टिफिकेट (अगर राज्य सरकार की अधिसूचना में अनिवार्य है), पट्टेदार किसानों के लिए भूमि स्वामित्व प्रमाण/अनुबंध का डॉक्यूमेंट या संबंधित राज्य सरकार द्वारा परिभाषित कोई अन्य डॉक्यूमेंट. 

क्या किसान मैच न होने के मामले में बैंक अकाउंट विवरण में बदलाव कर सकते हैं?

हां, पीएमएफबीवाई पॉलिसी में अकाउंट विवरण मैच नहीं होने के मामले में फार्ममित्र ऐप पर अकाउंट में सुधार किया जा सकता है. 

क्या लोन लेने वाले किसान इंश्योर्ड फसलों में बदलाव कर सकते हैं और कब तक बदलाव कर सकते हैं?

लोन लेने वाले किसान संबंधित राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नामांकन की अंतिम तिथि से दो दिन पहले इंश्योर्ड फसलों में बदलाव कर सकते हैं.

इन बदलावों के लिए, किसान संबंधित बैंक की ब्रांच में जा सकते हैं और आवश्यक जानकारी प्रदान कर सकते हैं. 

स्थानीय आपदाओं के कारण फसल के नुकसान की घटनाओं के बारे में सूचना कैसे दी जा सकती है?

निम्नलिखित में से किसी भी माध्यम के माध्यम से आपदा के 72 घंटों के भीतर फसल के नुकसान के बारे में सूचित करना अनिवार्य है.

● टोल फ्री नंबर 1800-209-5959

● फार्मित्र- केयरिंगली योर्स ऐप

● क्रॉप इंश्योरेंस ऐप

● NCIP पोर्टल

● नज़दीकी इंश्योरेंस कंपनी ऑफिस/ब्रांच

● नज़दीकी बैंक की ब्रांच / कृषि विभाग (लिखित फॉर्मेट में)

स्कीम के बारे में अधिक जानकारी के लिए या अंतिम तिथि से पहले नामांकन के लिए, कृपया नज़दीकी बजाज आलियांज़ जनरल इंश्योरेंस ऑफिस/बैंक की ब्रांच/को-ऑपरेटिव सोसाइटी/सीएससी सेंटर से संपर्क करें. किसी भी पूछताछ के लिए, आप हमारे टोल फ्री नंबर-18002095959 या फार्ममित्र- केयरिंगली योर्स मोबाइल ऐप या ईमेल का उपयोग करके हमसे संपर्क कर सकते हैं- bagichelp@bajajallianz.co.in या वेबसाइट – www.bajajallianz.com फार्ममित्र- कृषि संबंधी मुख्य विशेषताएं अब आपकी उंगलियों पर, के माध्यम से सम्पर्क कर सकते हैं:

 

● स्थानीय भाषा में ऐप

● क्रॉप इंश्योरेंस पॉलिसी और क्लेम विवरण प्राप्त करें

● एक क्लिक पर क्रॉप संबंधी सलाह और मार्केट की कीमत

● मौसम का पूर्वानुमान

● समाचार

● पीएमएफबीवाई से संबंधित प्रश्न, क्लेम की सूचना, क्लेम स्टेटस जैसी अन्य जानकारी के लिए फार्ममित्र ऐप - अब आप प्रश्न दर्ज कर सकते हैं, क्लेम (स्थानीय आपदाएं और कटाई के बाद के नुकसान) कर सकते हैं और क्लेम का स्टेटस चेक कर सकते हैं. Play Store से फार्ममित्र केयरिंगली योर्स ऐप डाउनलोड करें या यहां स्कैन करें.

 

लेखक: बजाज आलियांज़ - अपडेटेड: 21st  नवंबर 2023

डिस्क्लेमर

मैं बजाज आलियांज़ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को एक सुविधाजनक समय पर कॉल बैक करने के विशिष्ट अनुरोध के साथ वेबसाइट पर उपलब्ध कॉन्टैक्ट नंबर पर कॉल करने के लिए अधिकृत करता/करती हूं. मैं आगे घोषणा करता/करती हूं कि, पूरी तरह या आंशिक रूप से ब्लॉक की गई श्रेणी के तहत राष्ट्रीय ग्राहक प्राथमिकता रजिस्टर (एनसीपीआर) पर रजिस्टर किए जाने के बावजूद, मेरे अनुरोध के जवाब में भेजे गए कोई भी कॉल या एसएमएस का अनावश्यक कमर्शियल कम्युनिकेशन नहीं माना जाएगा, भले ही कॉल की सामग्री विभिन्न इंश्योरेंस प्रोडक्ट और सर्विस या इंश्योरेंस बिज़नेस की आग्रह और खरीद के उद्देश्यों के लिए हो सकती है. इसके अलावा, मैं समझता/समझती हूं कि इन कॉल को क्वालिटी और ट्रेनिंग के उद्देश्यों के लिए रिकॉर्ड और मॉनिटर किया जाएगा, और अगर आवश्यकता हो, तो मेरे लिए उपलब्ध कराया जा सकता है.

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