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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय)

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) - Crop Insurance Scheme

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का विवरण

अप्रैल, 2016 में, भारत सरकार द्वारा पूर्ववर्ती बीमा योजनाओं जैसे कि राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एनएआईएस), मौसम आधारित फसल बीमा योजना और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एमएनएआईएस) आदि को वापस लेने के बाद, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय) की शुरुआत की गई थी. इस प्रकार, वर्तमान में, पीएमएफबीवाय भारत में कृषि बीमा के लिए प्रमुख सरकारी योजना है.

कवर में शामिल जोखिम

फसल नहीं बोने/लगा सकने का जोखिम

फसल नहीं बोने/लगा सकने का जोखिम

 किसान कम वर्षा या प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण फसल नहीं बोने या रोप सकने की स्थिति में एसआई (सम इंश्योर्ड) का 25% तक कवर के रूप में प्राप्त कर सकते हैं. यह उन मामलों में लागू होगा जब किसान का फसल रोपने/बोने का पूरा इरादा था और वह इसके लिए आवश्यक खर्च भी कर चुका था.

खड़ी फसल (बुवाई से कटाई तक)

खड़ी फसल (बुवाई से कटाई तक)

प्राकृतिक आग या बिजली, तूफान, टेम्पेस्ट, चक्रवात, सुखाड़/बारिश नहीं होना, कीट या रोगों जैसे रोके नहीं जा सकने वाले जोखिमों के कारण उपज में होने वाले नुकसान के लिए कम्प्रीहेंसिव रिस्क इंश्योरेंस प्रदान किया जाता है.

कटाई के बाद हुआ नुकसान

कटाई के बाद हुआ नुकसान

यह कवरेज, फसल कटाई से दो सप्ताह की अधिकतम अवधि तक के लिए ही उपलब्ध है, और यह उन फसलों के लिए लागू होता है, जिन्हें कटाई के बाद सुखाने के लिए खेत में फैला दिया जाता है. यह कवरेज, चक्रवात, चक्रवाती बारिश और बेमौसम बरसात के जोखिम के लिए उपलब्ध है.

स्थानीय जोखिम

स्थानीय जोखिम

अधिसूचित क्षेत्र में पृथक खेत को प्रभावित करने वाले चिन्हित स्थानीय जोखिम जैसे ओलावृष्टि, भू-स्खलन और बाढ़ आदि के कारण होने वाले नुकसान/क्षति.

पीएमएफबीवाय के तहत कवर की जाने वाली फसलें

  • खाद्य फसलें (अनाज, बाजरा और दालें)
  • तिलहन
  • वार्षिक कमर्शियल/उद्यान कृषि संबंधी फसलें

प्रमुख विशेषताएं

  • स्थानीयकृत जोखिम और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान शामिल हैं.
  • तेज़, परेशानी मुक्त क्लेम के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग.
  • इस टोल फ्री नम्बर के माध्यम से क्लेम की सूचना दें 1800-209-5959

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ (पीएमएफबीवाय)

  • प्रीमियम में किसानों का योगदान काफी कम हुआ है, अर्थात खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वार्षिक व कमर्शियल फसलों के लिए 5%.
  • ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव, आकाशीय बिजली, और बादल फटने जैसे स्थानीय जोखिम के कारण व्यक्तिगत रूप से हुए नुकसान का आकलन करने का प्रावधान.
  • पूरे देश में चक्रवात, चक्रवाती बारिश और बेमौसम बारिश होने की स्थिति में, जिसमें दो सप्ताह (14 दिन) की अधिकतम अवधि तक खेत में 'काटा और फैला दिया' की स्थिति में केवल सूखने के उद्देश्य से रखी फसल को हुए नुकसान का व्यक्तिगत भूखंड के आधार पर आकलन करना.
  • फसल नहीं रोप सकने और स्थानीय नुकसान के मामले में किसानों को क्लेम का भुगतान अकाउंट में किया जाता है.
  • इस योजना के तहत तकनीक के उपयोग को भी काफी हद तक प्रोत्साहित किया जाएगा. किसानों को क्लेम के भुगतान में होने वाली देरी को कम करने के लिए फसल की कटाई संबंधी डेटा को एकत्र करने और अपलोड करने के लिए स्मार्ट फोन का उपयोग किया जाएगा. इस स्कीम के तहत फसल कटाई संबंधी प्रयोगों की संख्या को कम करने के लिए रिमोट सेंसिंग का भी उपयोग किया जाएगा.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय) में शामिल नहीं किए जाने वाले जोखिम

  • दुर्भावनापूर्ण इरादे से पहुंचाया गया नुकसान
  • रोके जा सकने वाले जोखिम
  • युद्ध और परमाणु जोखिमों से होने वाले नुकसान

पीएमएफबीवाय में प्रीमियम दरें और प्रीमियम पर सब्सिडी

पीएमएफबीवाय के तहत बीमांकिक प्रीमियम दर (एपीआर) ली जाती है. यह दर सम इंश्योर्ड पर लागू होती है. इस स्कीम के अंतर्गत किसानों द्वारा भुगतान योग्य अधिकतम प्रीमियम दर का निर्धारण निम्नलिखित टेबल के अनुसार किया जाता है:

मौसम फसल किसान द्वारा देय अधिकतम इंश्योरेंस शुल्क
खरीफ सभी खाद्यान्न और तिलहनी फसलें सम इंश्योर्ड का 2%
रबी सभी खाद्यान्न और तिलहनी फसलें सम इंश्योर्ड का 1.5%
खरीफ और रबी वार्षिक कमर्शियल/उद्यान कृषि संबंधी फसलें
बारहमासी उद्यान कृषि संबंधी फसलें (प्राथमिक/ इम्तहानी तौर पर)
सम इंश्योर्ड का 5%

 

नोट: बाकी प्रीमियम राज्य और केंद्र सरकार द्वारा भुगतान समान रूप से किया जाएगा.

पीएमएफबीवाय फसल बीमा क्लेम प्रोसीज़र

बजाज आलियांज़ में हमारे साथ प्रधानमंत्री बीमा योजना के लिए क्लेम प्रोसेस आसान है और यह तुरंत पूरा हो जाता है.

 

स्थानीय नुकसान के लिए

  • किसान आपदा के 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना हमें या संबंधित बैंक या स्थानीय कृषि विभाग / जिला अधिकारियों को दे सकते हैं. वे हमारे फार्ममित्र मोबाइल ऐप का उपयोग करके भी हमसे संपर्क कर सकते हैं या हमें टोल फ्री नंबर 1800-209-5959 पर कॉल कर सकते हैं.
  • इस सूचना में बैंक अकाउंट नंबर (लोन लेने वाले किसान) और सेविंग बैंक अकाउंट नंबर (लोन नहीं लेने वाले किसान) की जानकारी के साथ सर्वे नंबर के अनुसार इंश्योर्ड फसल और प्रभावित एकड़ (रकबा) की जानकारी शामिल होनी चाहिए.
  • हमारे द्वारा 48 घंटों के भीतर एक सर्वेक्षक नियुक्त किया जाएगा और सर्वेक्षक की नियुक्ति के 72 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन पूरा कर लिया जाएगा.
  • किसान द्वारा किए गए प्रीमियम के भुगतान को नुकसान की सूचना के 7 दिनों के भीतर बैंक या किसान पोर्टल से सत्यापित किया जाएगा.
  • कवर के आधार पर भुगतान योग्य राशि को नुकसान के सर्वे के 15 दिनों के भीतर डिस्बर्स कर दिया जाएगा. फिर भी, यह ध्यान में रखें कि हम प्रीमियम सब्सिडी (रियायत) के 50% सरकारी हिस्से की प्राप्ति के बाद ही क्लेम की राशि क्रेडिट कर सकते हैं.

बुवाई न कर पाने की स्थिति में

इंश्योर्ड किसान को बुवाई न कर पाने की स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी को नुकसान की सूचना देने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ऐसा व्यापक आपदा की स्थिति में होगा और इस स्थिति में आकलन क्षेत्र के आधार पर किया जाएगा. यह लाभ उस समय प्राप्त होता है जब अधिकांश किसान खराब मौसमी स्थितियों के कारण अपनी फसल की बुवाई नहीं कर पाते हैं. इससे संबंधित अधिक जानकारी नीचे दी गई है:


  • अगर अधिसूचित इंश्योरेंस यूनिट (आईयू) में प्रमुख फसल के बुवाई क्षेत्र के न्यूनतम 75% भाग पर बुवाई नहीं की जा सकी है या सूखे या बाढ़ जैसी व्यापक आपदाओं के कारण बीज अंकुरित नहीं हो सके हैं, तो इंश्योर्ड किसानों को बुवाई न कर पाने की स्थिति के तहत क्लेम का भुगतान किया जाएगा.
  • इस प्रावधान का आह्वान राज्य सरकार द्वारा एनरोलमेंट की अंतिम तिथि से 15 दिनों के भीतर कर दिया जाना चाहिए.
  • इंश्योरेंस कंपनी राज्य द्वारा बुवाई न हो पाने की अधिसूचना जारी करने के 30 दिनों के भीतर क्लेम का भुगतान करेगी, बशर्ते राज्य सरकार से बोए जा चुके क्षेत्र का अनुमानित आकंड़ा प्राप्त हो गया हो और सरकार से एडवांस सब्सिडी (1st किश्त) प्राप्त हो गई हो.
  • किसानों को अंतिम क्लेम के रूप में सम इंश्योर्ड का 25% भुगतान करने के बाद इंश्योरेंस कवर समाप्त हो जाएगा.
  • जब बुवाई न कर पाने की स्थिति के तहत क्लेम का भुगतान कर दिया गया हो, तो उसके बाद प्रभावित अधिसूचित आईयू और फसल के लिए किसान नया एनरोलमेंट नहीं कर पाएंगे. यह अधिसूचित इंश्योरेंस यूनिट में आने वाले सभी किसानों पर लागू होता है.

व्यापक आपदाएं

यह कवर क्षेत्र के आधार पर इंश्योर्ड फसल की कुल अनुमानित उपज (टीवाय) की तुलना में वास्तविक उपज में आई कमी के लिए भुगतान करता है.


  • अगर बीमित इकाई (IU) में बीमित फसल की वास्तविक उपज (AY), थ्रेशोल्ड उपज से कम है, तो बीमित इकाई के सभी बीमित किसानों को हुआ नुकसान उसी के समान माना जाएगा. यह सिर्फ तभी समान माना जाएगा जब सभी किसान एक ही फसल की खेती कर रहे हों. क्लेम की गणना इस प्रकार की जाती है: ((अनुमानित उपज - वास्तविक उपज) / अनुमानित उपज) * (सम इंश्योर्ड), जहां एवाई की गणना, इंश्योरेंस यूनिट में किए गए सीसीई की संख्या के आधार पर की जाती है और टीवाई की गणना, पिछले सात वर्षों के सर्वश्रेष्ठ 5 वर्षों के औसत के आधार पर की जाती है

मध्य-मौसमी आपदा

यह कवर किसी भी व्यापक आपदा या प्रतिकूल मौसम के मामले में किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए दिया जाता है, जहां मौसम के दौरान अपेक्षित उपज, सामान्य उपज के 50% से कम होने की संभावना हो.

  • अगर प्रतिकूल गंभीर मौसमी परिस्थितियों जैसे कि भयंकर सूखे, अकाल और राज्य/केंद्रशासित प्रदेश द्वारा घोषित अकाल, असामान्य रूप से कम तापमान, कीटों, कीड़ों और बीमारियों की व्यापक घटनाओं और बाढ़ जैसी प्राकृतिक घटनाओं के कारण हुई समस्याओं के कारण इंश्योर्ड फसल की अपेक्षित उपज उसकी सामान्य उपज के 50% से कम है, तो इंश्योर्ड किसान को मध्य-मौसमी आपदा के क्लेम का भुगतान किया जाएगा.
  • इस क्लेम के तहत, इंश्योर्ड किसान को देय राशि का भुगतान सीधे उसके अकाउंट में किया जाएगा और यह राशि कुल सम इंश्योर्ड का 25% होगी.
  • मध्य-मौसमी आपदा की समय सीमा, फसल की बुवाई के एक महीने बाद से फसल की कटाई के 15 दिन पहले तक की होगी.
  • राज्य सरकार, मध्य-मौसमी प्रतिकूलता के बारे में 7 दिनों के भीतर अधिसूचना जारी करेगी और प्रतिकूल मौसमी घटनाओं के अगले 15 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन किया जाएगा.
  • जिला स्तर की संयुक्त समिति क्लेम का आकलन करेगी और तय करेगी कि इस स्थिति में क्लेम का भुगतान किया जा सकता है या नहीं.
  • ऑन-अकाउंट की गणना करने का फॉर्मूला है: ((अनुमानित उपज - वास्तविक उपज) / अनुमानित उपज ) *(सम इंश्योर्ड * 25% )

कटाई के बाद हुआ नुकसान

  • कटाई के बाद ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती बारिश और बेमौसम बारिश के कारण उपज में हुए नुकसान का आकलन व्यक्तिगत प्लॉट/खेत के आधार पर किया जाता है, जब कटी हुई फसल को फसल की कटाई से 14 दिनों तक खेतों में सूखने के लिए 'काट कर फैला देने' की स्थिति में रखा गया हो. ऐसे मामलों में, इंश्योरेंस कंपनी द्वारा इंश्योर्ड किसानों को क्लेम का भुगतान व्यक्तिगत आधार पर किया जाएगा.
  • किसानों को 72 घंटे के भीतर इंश्योरेंस कंपनी, संबंधित बैंक, कृषि विभाग व जिला अधिकारियों को नुकसान की सूचना दे देनी चाहिए. यह कार्य इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रदान किए गए टोल फ्री नंबर के माध्यम से किया जा सकता है.
  • इंश्योरेंस कंपनी शिकायत प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर सर्वेक्षक नियुक्त करेगी. सर्वेक्षक की नियुक्ति से 10 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन पूरा हो जाना चाहिए.
  • नुकसान के आकलन से 15 दिनों के भीतर क्लेम का भुगतान कर दिया जाएगा. इस नुकसान के आकलन के माध्यम से नुकसान के प्रतिशत का आकलन किया जाएगा.
  • अगर प्रभावित क्षेत्र कुल फसली क्षेत्र के 25% से अधिक है, तो यह माना जाएगा कि इंश्योरेंस यूनिट में आने वाले सभी किसानों को नुकसान हुआ है और सभी इंश्योर्ड किसानों को क्लेम का भुगतान किया जाएगा.

वर्तमान वर्ष में हम छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान के राज्यों में पीएमएफबीवाय को लागू कर रहे हैं. हम छत्तीसगढ़ में उद्यान संबंधी कृषि फसलों के लिए री-स्ट्रक्चर्ड मौसम आधारित फसल इंश्योरेंस स्कीम को भी लागू कर रहे हैं.

यहां क्लिक करें खरीफ और रबी 2021 के लिए हमारे द्वारा सेवित राज्यों और जिलों की सूची के लिए.

वर्ष 2016 2017 2018 2019 2020 2021 कुल
खरीफ 1621058 2333669 1230911 3007223 2935494 11128355
रबी 491316 3579654 5198862 1786654 1114384 - 12170870
कुल 2112374 5913323 6429773 4793877 4049878 0 23299225

तिथि 30 जून 2021 के अनुसार क्लेम सेटलमेंट विवरण

राज्य
भुगतान किए गए क्लेम ( करोड़ में )
2016 2017 2018 2019 2020 2021 कुल
आंध्रप्रदेश 570.23 0.00 602.46 0.00 0.00 0.00 1172.68
असम 0.00 0.00 2.52 0.00 0.00 0.00 2.52
बिहार 164.25 0.00 0.00 0.00 0.00 0.00 164.25
छत्तीसगढ़ 17.50 48.76 236.11 29.03 87.82 51.35 470.57
गुजरात 0.00 0.00 2.18 0.01 0.00 0.00 2.19
हरियाणा 134.11 363.41 0.00 138.19 140.43 205.30 981.44
झारखंड 0.00 0.00 50.98 0.00 0.00 0.00 50.98
कर्नाटक 0.00 0.00 0.00 26.89 174.44 22.74 224.07
मध्य प्रदेश 0.00 0.00 0.00 710.71 0.00 0.00 710.71
महाराष्ट्र 175.04 32.79 882.40 483.26 121.46 396.86 2091.81
राजस्थान 0.00 742.37 168.81 241.71 251.58 552.03 1956.50
तेलंगाना 54.74 5.43 36.80 0.00 0.00 0.00 96.97
उत्तर प्रदेश 0.00 58.49 18.22 26.53 0.00 0.00 103.24
उत्तराखंड 0.00 0.00 0.08 0.00 0.00 0.00 0.08
कुल 1115.86 1251.25 2000.57 1656.33 775.74 1228.27 8028.01

 

एमएच केएच 19 – क्लेम :

महाराष्ट्र रबी 19 – क्लेम :

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शिकायत निवारण

  • लेवल 1: आप हमारे फार्ममित्र मोबाइल ऐप का उपयोग करके हमसे संपर्क कर सकते हैं या हमें 1800-209-5959 पर कॉल कर सकते हैं

    लेवल 2: ई-मेल: bagichelp@bajajallianz.co.in

    लेवल 3: शिकायत अधिकारी: हम हमेशा कस्टमर की शिकायतों को तुरंत दूर करने की कोशिश करते हैं. अगर आप हमारी टीम के द्वारा दिए गए जवाब/प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप हमारे शिकायत निवारण अधिकारी श्री जेरोम विंसेंट को ggro@bajajallianz.co.in पर लिख सकते हैं

    लेवल 4: अगर आपकी शिकायत का समाधान नहीं हुआ है और आप हमारे केयर स्पेशलिस्ट से बात करना चाहते हैं, तो कृपया +91 80809 45060 पर मिस्ड कॉल दें या टाइप करके 575758 पर एसएमएस भेजें

    कृपया हमारे सर्विस नेटवर्क को आपकी समस्या पर काम करने के लिए पर्याप्त समय दें. हम आपकी सुरक्षा के लिए 'केयरिंगली योर्स' में विश्वास करते हैं और हम आपको आश्वस्त करते हैं कि इस कंपनी का प्रत्येक कर्मचारी इस वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.

    अगर लेवल 1, 2, 3 और 4 पर प्रदान की गई सहायता के बाद भी आपकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है, तो आप समाधान के लिए इंश्योरेंस ओम्बड्समैन से संपर्क कर सकते हैं. अपने नजदीकी ओम्बड्समैन ऑफिस की जानकारी प्राप्त करने के लिए, कृपया http://www.cioins.co.in/ombudsman.html पर जाएं

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    अपने नज़दीकी एग्री इंश्योरेंस ऑफिस की जानकारी प्राप्त करने के लिए यहां क्लिक करें.

     

कस्टमर्स की राय

Shravan Kumar Jhanghee

फैज सिद्दीकी

इस वर्ष भयानक ओलावृष्टि हुई, लेकिन राहत की बात यह है कि मेरे पास प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का कवरेज है और बैजिक ने मेरे क्लेम का भुगतान करने में शानदार काम किया. क्लेम तुरंत और बिना किसी परेशानी के सीधे मेरे बैंक अकाउंट में सेटल कर दिया गया.

प्रेम सिंह जालोर, राजस्थान

मैंने समय सीमा के भीतर जलजमाव के लिए फार्ममित्र पर बजाज आलियांज़ जनरल इंश्योरेंस कंपनी को सूचित किया. उनकी प्रतिक्रिया बहुत तेज थी और उन्होंने सूचना के 5 वें दिन सर्वेक्षण किया. मैं उनकी प्रतिक्रिया से बहुत खुश हूं.

प्रशांत सुभाषराव देशमुख हिंगोली, महाराष्ट्र

खेती से संबंधित विभिन्न जोखिमों से सुरक्षा प्राप्त करने की चाह रखने वाले मेरे जैसे कई किसानों की मदद करने के लिए शुक्रिया बजाज आलियांज़.

पीएमएफबीवाय: सफलता की कहानियां

पीएमएफबीवाय फसल बीमा से संबंधित प्रश्नों के उत्तर

इंश्योरेंस क्या है?

इंश्योरेंस एक बड़े अप्रत्याशित नुकसान की छोटी से छोटी संभावना के खिलाफ आपको और आपकी प्रॉपर्टी को सुरक्षित करने का एक माध्यम है. इंश्योरेंस पैसा कमाने के लिए नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति या बिज़नेस को अप्रत्याशित नुकसान की भरपाई में मदद करने के लिए है, जो एक फाइनेंशियल आपदा का कारण भी बन सकता है. मूल रूप से, यह जोखिम को साझा और ट्रांसफर करने का एक उपाय है जिसमें कुछ लोगों के द्वारा सहे गए नुकसान की भरपाई समान जोखिम की संभावना के अंतर्गत आने वाले कई अन्य लोगों द्वारा जमा की गई राशि से की जाती है.

क्रॉप इंश्योरेंस (या फसल बीमा) क्या है?

क्रॉप इंश्योरेंस (या फसल बीमा) एक ऐसी व्यवस्था है जिसका उद्देश्य उत्पादन से संबंधित विभिन्न जोखिमों के कारण किसानों को फसलों के नुकसान और क्षति से होने वाली फाइनेंशियल हानि को कम करना है.

पीएमएफबीवाई क्या है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय) का उद्देश्य विशिष्ट इंश्योरेंस यूनिट के लिए पहले से निर्धारित लेवल पर, फसल उत्पादन का इंश्योरेंस करके कृषि क्षेत्र में सुरक्षित उत्पादन का समर्थन करना है.

मौसम आधारित क्रॉप इंश्योरेंस (फसल बीमा) क्या है?

मौसम आधारित क्रॉप इंश्योरेंस (फसल बीमा) का उद्देश्य वर्षा, तापमान, फ्रॉस्ट, नमी, हवा की गति, चक्रवात आदि जैसी प्रतिकूल मौसमी स्थितियों के कारण अनुमानित फसल में होने वाली हानि के मामले में इंश्योर्ड किसानों को हुए फाइनेंशियल नुकसान की भरपाई करना है.

पीएमएफबीवाय के तहत कितनी फसलें कवर की जाती हैं?

यह विशिष्ट इंश्योरेंस यूनिट की प्रमुख फसलों को कवर करता है. जैसे - अ) खाद्यान्न फसलों में अनाज, बाजरा और दलहन शामिल हैं, ब) तिलहन फसलें और स) वार्षिक कमर्शियल/उद्यान कृषि संबंधी फसलें आदि.

व्यक्तिगत किसान के लिए सम इंश्योर्ड / कवरेज लिमिट क्या है?

अ. कर्जदार और गैर-कर्जदार किसानों के लिए प्रति बीमित राशि जिला स्तर की तकनीकी समिति द्वारा तय किए गए वित्त के पैमाने के बराबर और समान होगी, और एसएलसीसीआई और अधिसूचित द्वारा पूर्व-घोषित किया जाएगा। स्केल ऑफ़ फ़ाइनेंस की कोई अन्य गणना लागू नहीं होगी। व्यक्तिगत किसान के लिए बीमित राशि बीमा के लिए किसान द्वारा प्रस्तावित अधिसूचित फसल के क्षेत्र से गुणा प्रति हेक्टेयर वित्तमान के बराबर है। 'खेती के अंतर्गत क्षेत्र' हमेशा 'हेक्टेयर' में व्यक्त किया जाएगा। ब. सिंचित और असिंचित क्षेत्रों के लिए बीमित राशि अलग हो सकती है

खरीफ मौसम के लिए क्रॉप इंश्योरेंस (फसल बीमा) में एनरोलमेंट की अंतिम तिथि क्या होगी?

यह फसलों के जीवनचक्र और संबंधित राज्य सरकार की अधिसूचना पर निर्भर करती है.

रबी मौसम के लिए क्रॉप इंश्योरेंस (फसल बीमा) में एनरोलमेंट की अंतिम तिथि क्या होगी?

यह फसलों के जीवनचक्र और संबंधित राज्य सरकार की अधिसूचना पर निर्भर करती है.

क्रॉप इंश्योरेंस (फसल बीमा) प्रदान करने वाली कितनी कंपनियां हैं?

क्रॉप इंश्योरेंस (फसल बीमा) प्रदान करने वाली12 प्रमुख कंपनियां इस प्रकार हैं:

i. एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी

ii. चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी

iii. रिलायन्स जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड.

iv. बजाज आलियांज़ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड.

v. फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड.

vi. एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड.

vii. इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड.

viii. यूनिवर्सल सोमपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी

ix. आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड.

x. टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड.

xi. एसबीआई जनरल इंश्योरेंस

xii. यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी.

क्रॉप इंश्योरेंस (फसल बीमा) के लिए प्रीमियम दरें और प्रीमियम सब्सिडी क्या हैं?

पीएमएफबीवाय के तहत बीमांकिक प्रीमियम दर (एपीआर) को कार्यान्वयन एजेंसी (आईए) द्वारा लिया जाएगा. किसान द्वारा देय इंश्योरेंस शुल्क की दर निम्नलिखित टेबल के अनुसार होगी:

मौसम फसल किसान द्वारा देय अधिकतम इंश्योरेंस शुल्क (सम इंश्योर्ड का %)
खरीफ सभी खाद्य अनाज और तिलहन फसलें (अनाज, बाजरा, दलहन और तिलहन) एसआई या बीमांकिक दर का 2.0%, जो भी कम हो
रबी सभी खाद्य अनाज और तिलहन फसलें (अनाज, बाजरा, दलहन और तिलहन) एसआई या बीमांकिक दर का 1.5%, जो भी कम हो
खरीफ और रबी वार्षिक कमर्शियल/उद्यान कृषि संबंधी फसलें एसआई या बीमांकिक दर का 5%, जो भी कम हो

किस प्रकार के जोखिम को कवर किया जा सकता है और अपवाद?

जोखिम: फसलों के नुकसान का कारण बनने वाले निम्नलिखित जोखिमों को इस स्कीम के अंतर्गत कवर किया जाएगा: -

अ. उपज में हानि (खड़ी फसल के लिए, अधिसूचित क्षेत्र के आधार पर): नहीं रोके जा सकने वाले जोखिमों, जैसे कि (i) प्राकृतिक आग और बिजली (ii) तूफान, हेलस्टॉर्म, चक्रवात, टाइफून, टेम्पेस्ट, हरिकेन, टोरनाडो आदि (iii) बाढ़, जलजमाव और भू-स्खलन(iv) सूखा, बारिश नहीं होना और (v) कीट/रोग आदि के कारण होने वाले नुकसान के लिए कम्प्रीहेंसिव रिस्क इंश्योरेंस प्रदान किया जाता है.

ब. बुवाई नहीं हो पाना (अधिसूचित क्षेत्र के आधार पर): अधिसूचित यूनिट के 75% से अधिक क्षेत्र की फसलों को प्रभावित करने वाले पात्र जोखिम की व्यापक घटना के मामले में किसानों को इंश्योरेंस कवर प्रदान किया जाएगा. यह कवर केवल अधिसूचित प्रमुख फसलों के लिए है और पात्र किसानों को क्लेम के रूप में सम इंश्योर्ड का 25% प्रदान किया जाएगा.

ऐसे मामलों में, जब अधिसूचित क्षेत्र के बहुसंख्यक इंश्योर्ड किसानों का इरादा फसल बोने/रोपने का है और वे इस उद्देश्य के लिए आवश्यक खर्च कर चुके हैं, लेकिन प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण इंश्योर्ड फसल की बुवाई करने में असमर्थ हैं, तो वे सम इंश्योर्ड के अधिकतम 25% तक क्षतिपूर्ति क्लेम प्राप्त करने के पात्र होंगे

स. फसल की कटाई के बाद होने वाले नुकसान (व्यक्तिगत खेत के आधार पर): चक्रवात / चक्रवाती बारिश, बेमौसम बारिश के विशिष्ट जोखिम के विरुद्ध देशभर में प्रदान किया जाने वाला यह कवरेज, कटाई से अधिकतम 14 दिनों की अवधि तक उन फसलों के लिए उपलब्ध है, जिन्हें कटाई के बाद सूखने के लिए खेत में 'काट कर फैला देने' की स्थिति में रखा जाता है.

द. स्थानीय आपदाएं (व्यक्तिगत खेत के आधार पर): अधिसूचित क्षेत्र में पृथक खेतों को प्रभावित करने वाले चिन्हित स्थानीय जोखिम अर्थात हेलस्टॉर्म, भू-स्खलन और जलजमाव के परिणामस्वरूप होने वाला नुकसान/ क्षति.

कवर में क्या शामिल नहीं हैं: निम्नलिखित खतरों के कारण उत्पन्न होने वाले जोखिम और नुकसान को कवर नहीं किया जाएगा: - युद्ध और संबंधित खतरे, परमाणु जोखिम, दंगे, दुर्भावनापूर्ण नुकसान, चोरी, दुश्मनी का कार्य, पालतू और/या जंगली जानवरों द्वारा चराई या उनके द्वारा किया गया नुकसान. कटाई के बाद के नुकसान के मामलों में: थ्रेशिंग से पहले काटी गई फसल का बंडल बनाकर किसी स्थान पर ढेर लगाना, अन्य रोके जा सकने वाले जोखिम.

लेखक: बजाज आलियांज़ - अपडेट: 1st मार्च 2022

डिस्क्लेमर

मैं बजाज आलियांज़ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को एक सुविधाजनक समय पर कॉल बैक करने के विशिष्ट अनुरोध के साथ वेबसाइट पर उपलब्ध कॉन्टैक्ट नंबर पर कॉल करने के लिए अधिकृत करता/करती हूं. मैं आगे घोषणा करता/करती हूं कि, पूरी तरह या आंशिक रूप से ब्लॉक की गई श्रेणी के तहत राष्ट्रीय ग्राहक प्राथमिकता रजिस्टर (एनसीपीआर) पर रजिस्टर किए जाने के बावजूद, मेरे अनुरोध के जवाब में भेजे गए कोई भी कॉल या एसएमएस का अनावश्यक कमर्शियल कम्युनिकेशन नहीं माना जाएगा, भले ही कॉल की सामग्री विभिन्न इंश्योरेंस प्रोडक्ट और सर्विस या इंश्योरेंस बिज़नेस की आग्रह और खरीद के उद्देश्यों के लिए हो सकती है. इसके अलावा, मैं समझता/समझती हूं कि इन कॉल को क्वालिटी और ट्रेनिंग के उद्देश्यों के लिए रिकॉर्ड और मॉनिटर किया जाएगा, और अगर आवश्यकता हो, तो मेरे लिए उपलब्ध कराया जा सकता है.

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