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Govt Insurance Schemes in India
3 दिसंबर, 2021

भारत में सरकारी इंश्योरेंस स्कीम

सरकारी इंश्योरेंस प्लान क्या है?

सरकारी इंश्योरेंस प्लान राज्य या केंद्र सरकार द्वारा स्पांसर की गई इंश्योरेंस पॉलिसी/स्कीम है. इन स्कीमों का उद्देश्य समाज के विभिन्न हिस्सों के सभी लोगों को किफायती इंश्योरेंस की सुविधा प्रदान करना है. भारत की मौजूदा और पिछली सरकारों ने बड़े पैमाने पर सामाजिक और सामूहिक कल्याण को महत्व देने के लिए समय-समय पर विभिन्न इंश्योरेंस स्कीमों की शुरुआत की है. ये इंश्योरेंस स्कीम वंचितों के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों की मदद करने के लिए बनाई गई हैं. इन स्कीमों में विभिन्न स्कीमों और एनरोलमेंट के आधार पर प्रीमियम की राशि अलग-अलग होती है, ये राशि पूर्ण भुगतान, आंशिक भुगतान से लेकर मुफ्त तक हो सकती है.

भारत में सरकार द्वारा स्पांसर की गई इंश्योरेंस स्कीम

1) प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना -

यह स्कीम भारत के लोगों को रु. 2 लाख का लाइफ कवर प्रदान करती है. 18 से 50 वर्ष की आयु वाले लोग प्रति वर्ष रु. 330/- का प्रीमियम देकर इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं. इसका प्रीमियम इंश्योर्ड व्यक्ति के बैंक अकाउंट से ऑटोमैटिक रूप से कट जाता है.

2) प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना -

भारत के लोगों को एक्सीडेंट इंश्योरेंस प्रदान करता है. 18 से 70 वर्ष की आयु के बैंक अकाउंट वाले लोग इस स्कीम का लाभ प्राप्त कर सकते हैं. अगर आप पीएमएसबीवाई  स्कीम लेते हैं, तो यह स्कीम रु. 12 के प्रीमियम पर आंशिक विकलांगता के लिए रु. 1 लाख और पूर्ण विकलांग या मृत्यु होने पर रु. 2 लाख का वार्षिक कवर प्रदान करती है. इसका प्रीमियम इंश्योर्ड व्यक्ति के बैंक अकाउंट से ऑटोमैटिक रूप से कट जाता है.

3) प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लाइफ कवर -

प्रधानमंत्री जन धन योजना बैंक अकाउंट पर 1 लाख का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर और रु. 30,000 का लाइफ कवर मिलता है.

4) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना -

यह स्कीम फसल की बर्बादी के लिए कम्प्रीहेंसिव इंश्योरेंस कवर प्रदान करती है, जिससे किसानों की आय को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलती है. इस पीएमएफबीवाई में सभी खाद्य और तिलहन फसल और वार्षिक कमर्शियल/बागवानी फसलों को कवर किया जाता है.

5) प्रधानमंत्री वय वंदना योजना -

इसका विकल्प चुनने पर 60 व उससे अधिक आयु के नागरिकों को 8% के सुनिश्चित गारंटीड रिटर्न का लाभ मिलता है

6) पुनर्रचित मौसम आधारित फसल इंश्योरेंस स्कीम (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) -

मौसम आधारित फसल इंश्योरेंस स्कीम का उद्देश्य बारिश, तापमान, हवा, नमी आदि जैसी खराब मौसम की स्थितियों के कारण फसल के संभावित फाइनेंशियल नुकसान से इंश्योर्ड किसानों को होने वाली परेशानी को कम करना है.

7) वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना -

इसका विकल्प चुनने पर 60 व उससे अधिक आयु के नागरिकों को 9% के सुनिश्चित गारंटीड रिटर्न का लाभ मिलता है. इसके बारे में आगे और पढ़ें सीनियर सिटीज़न के लिए सरकारी हेल्थ इंश्योरेंस. संबद्ध इंश्योरेंस कंपनियां सरकार के उद्देश्य के साथ-साथ सामाजिक भलाई और समाज के कल्याण के लिए काम करने की कोशिश करती हैं. यही कारण है कि उपरोक्त सरकार द्वारा स्पांसर की जाने वाली स्कीम के तहत 75% क्लेमों का भुगतान इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा किया जाता है. लेकिन सरकार की समाज, समुदाय और जनता के लिए सामूहिक और सामाजिक कल्याण योजना का फायदा सरकारी स्कीम और इंश्योरेंस में घपला कर फर्ज़ी इंश्योरेंस क्लेम करने वाले लोग उठाते हैं. अगर हम आंकड़ों की बात करें, तो आपको ये जानकर हैरानी होगी कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के 30% से अधिक लाइफ इंश्योरेंस क्लेम लोगों द्वारा स्कीम से जुड़ने के पहले 30 दिनों के भीतर किए गए[1]. इसी तरह, प्रधानमंत्री जन धन योजना के बारे में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने पहले ही बता दिया था कि इस स्कीम के तहत खुले अकाउंट धोखाधड़ी करने के लिए "आसान शिकार" हैं और उसने बैंकों को इस तरह की गतिविधियों से सतर्क रहने के लिए कहा था. कुल मिलाकर सरकार की अच्छी सुविधा का कुछ लोगों ने गलत फायदा उठाया है, जिसकी वजह से अब इंश्योरेंस कंपनियां क्लेमों की गंभीरता से जांच कर रही हैं, इसके कारण क्लेम सेटलमेंट में हो रही देरी से इंश्योरेंस कंपनियों पर भी सवाल उठ रहे हैं, हाल ही में हमारे फाइनेंस मंत्री ने निर्देश दिया है कि सात दिनों के भीतर क्लेम का सेटलमेंट कर दिया जाना चाहिए, जिस पर हम अभी काम कर रहे हैं. ग्रामीण भारत की 65% आबादी विविधता और भौगोलिक विशालता और अनोखी चुनौतियों के साथ जीवन जीती है और इन स्कीमों में ग्रामीण भारत की बड़ी आबादी को कवर किया गया है, ऐसे में हम काम कर रहे हैं कि सरकार के समाज को बेहतर बनाने और उसके कल्याणकारी उद्देश्य को लगातार बनाए रखने का कोई तरीका खोज लिया जाए, जिससे समाज की भलाई के लिए किए जाने वाले कामों का लाभ उन लोगों को मिल सके, जिन्हें उनकी ज़रूरत है.  

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