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Health Insurance Free Look Period Explained
30 सितंबर, 2020

हेल्थ इंश्योरेंस में फ्री लुक पीरियड

ज़िंदगी की अनिश्चितताओं ने हेल्थ इंश्योरेंस को आज बेहद ज़रूरी बना दिया है. मेडिकल खर्च में बढ़ोतरी भी एक और कारण है, जिसके चलते हर व्यक्ति के लिए हेल्थ प्लान ज़रूरी हो गया है. जब कोई व्यक्ति हेल्थ इंश्योरेंस खरीदता है, तो एक पॉलिसीधारक को पॉलिसी को लंबे समय तक पॉलिसी चलाने के लिए एक फ्री-लुक पीरियड मिलता है. Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI) के अनुसार, हर इंश्योरेंस कंपनी को खरीदारों को कम से कम 15 दिनों का फ्री-लुक पीरियड देना होगा. हेल्थ इंश्योरेंस में फ्री-लुक पीरियड के बारे में वे सारी बातें जानें, जो पॉलिसीधारक को पता होनी चाहिए:
  1. अवधि
ज़्यादातर इंश्योरेंस कंपनियां पॉलिसीधारक को 15 दिनों का फ्री-लुक पीरियड देती हैं. कंपनी द्वारा इंश्योर्ड व्यक्ति को पॉलिसी जारी करने की तिथि से ही यह पीरियड शुरू हो जाता है. अगर पॉलिसीधारक पॉलिसी में बदलाव चाहता है या पूरा प्लान ही कैंसल करना चाहता है, तो उसे इंश्योरेंस पॉलिसी मिलने की तिथि की जानकारी देनी होगी.
  1. अनुरोध
फ्री लुक पीरियड का लाभ उठाने के लिए पॉलिसीधारकों को इंश्योरेंस कंपनी को लिखित अनुरोध भेजना होगा. कुछ इंश्योरेंस कंपनियां खरीदारों को ऑनलाइन सेवाएं देती हैं. ऑनलाइन सुविधा के साथ, ऊपर बताई गई अवधि के भीतर अनुरोध सीधे इंश्योरेंस कंपनी के ऑनलाइन पोर्टल पर सबमिट किए जा सकते हैं.
  1. निजी जानकारी
व्यक्ति को संबंधित जानकारी, जैसे पॉलिसी मिलने की तिथि, इंश्योरेंस एजेंट की जानकारी आदि देनी होगी. अगर पॉलिसीधारक पॉलिसी कैंसल करने का विकल्प चुनता है, तो उसे कैंसल करने का कोई उचित कारण बताना होगा. प्रीमियम रिफंड के लिए कस्टमर को इंश्योरेंस कंपनी को अपना बैंक विवरण देना होगा. साथ ही, पॉलिसीधारक को अपने हस्ताक्षर सहित एक रेवेन्यू स्टैंप अटैच करना होगा.
  1. डॉक्यूमेंट
हर व्यक्ति को इंश्योरेंस कंपनी को हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट और ओरिजिनल पॉलिसी डॉक्यूमेंट अनिवार्य रूप से देना होता है. हालांकि, अगर पॉलिसीधारक के पास ओरिजिनल डॉक्यूमेंट नहीं है, तो वह इन्डेम्निटी बॉन्ड सबमिट कर सकता है. रिफंड के लिए उसे पहले प्रीमियम भुगतान की रसीद और एक कैंसल चेक देना होता है.
  1. प्रीमियम
जब कोई पॉलिसीधारक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कैंसल करने का विकल्प चुनता है, तो पॉलिसी कैंसल होने पर उसे अपने हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का रिफंड मिल सकता है. निम्न कटौतियां करने के बाद व्यक्ति को रिफंड दिया जाता है:
  • मेडिकल टेस्ट के खर्च.
  • स्टैंप ड्यूटी पर हुआ खर्च.
  • व्यक्ति को जितने दिन कवरेज मिली, उतने दिन का रिस्क प्रीमियम.
 
  1. शर्तेँ
पॉलिसीधारक को ऐसी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चुननी चाहिए, जो कम-से-कम 3 वर्षों की कवरेज देती हो. साथ ही, फाइनेंशियल सर्विसेज़ पर 18% जीएसटी भी लगता है, जिसके लागू होने की तिथि है 1एसटी जुलाई 2017. प्रीमियम पॉलिसीधारक की आयु, निवास स्थान और जीएसटी की दरों जैसी चीज़ों पर निर्भर करता है. संक्षेप में, हेल्थ इंश्योरेंस प्लान उन मेडिकल एमरजेंसी को कवर करते हैं, जो पॉलिसीधारक पर फाइनेंशियल बोझ बन सकते हैं. आपको पॉलिसी के बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए और अगर वह आपकी सारी ज़रूरतें पूरी न करती हो, तो उसे लौटा देना चाहिए. बजाज आलियांज़ जनरल इंश्योरेंस ने एक ऑनलाइन कैलकुलेटर की मदद से हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम की दरों की ऑनलाइन तुलना प्रदान करता है. साथ ही, हम खरीदारों के लिए आसान क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस और हॉस्पिटलाइज़ेशन के लिए कैशलेस लाभ भी देते हैं.  

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